श्रीविद्या मंदिर इंटर कालेज में पंचम जनपदीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता-
2015 में जिले के 93 माध्यमिक विद्यालयों के 158 छात्र-छात्राओं ने
प्रोजेक्ट के साथ प्रतिभाग किया। इस अवसर पर डीएम ने डा.कलाम द्वारा रचित
पुस्तक मेरी जीवन कथा सभी बच्चों में वितरित की।
गुरुवार को श्रीविद्या
मंदिर इंटर कालेज परिसर में आयोजित पंचम जनपदीय इंस्पायर अवार्ड
प्रतियोगिता का उद्घाटन जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर
दिया।
उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डा.एपीजे अब्दुल कलाम के
विचार थे कि कोई ऐसी योजना भारत सरकार बनाए जिससे आर्थिक रूप से विपन्न
एवं विज्ञान में अभिरुचि रखने वाले मेधावी छात्रों को उनकी सृजनात्मक शक्ति
को विकसित करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाए।
इसके चलते भारत सरकार ने
वर्ष 2009-10 से इंस्पायर अवार्ड योजना प्रारंभ की गई। डीएम ने बताया कि
डा.अब्दुल कलाम ने एक बार कहा था कि भारत का भविष्य गांवाें में बसता है।
ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्र-छात्राओं की प्रतिभाओं को निखारने का इस
तरह की प्रतियोगिता सबसे अच्छा मंच है। जिलाधिकारी ने मॉडल व प्रोजेक्ट
देख प्रतिभागियों से सवाल पूछे।
निर्णायक मंडल में डा.रावेंद्र सिंह,
डा.नागेंद्र सिंह व डा.विनय कुमार ने प्रोजेक्ट व मॉडलों का मूल्यांकन
किया।
कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक डा.चंद्रशेखर मालवीय, वित्त
एवं लेखाधिकारी शरद कुमार, जीआईसी के प्रधानाचार्य डा.योगेश ज्ञानी,
रामशंकर यादव, जीजीआईसी प्रधानाचार्या नुजहत सईद फात्मा, शमशाद अहमद, जिला
समन्वयक सुरेशचंद्र शुक्ला, अमित कुमार गुप्ता, विवेक सिंह सचान, आशुतोष
श्रीवास्तव सहित विभिन्न विद्यालयों के विज्ञान शिक्षक उपस्थित रहे।संचालन प्रधानाचार्य वीके पटैरिया ने और आधार बीएसए डा.इंद्रजीत प्रजापति ने जताया।