राठ। पुलिस जीप से घायल 11 वर्षीय बालक की मौत पर शनिवार रात जमकर हंगामा हुआ। नारेबाजी कर रहे निहत्थे लोगों पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजीं। वहां से गुजर रहे राहगीरों को भी लाठियों से पीटा। देर रात पहुंचे एसपी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
डुमरियापुरा निवासी राजा (11) पुत्र रामू अहिरवार को शनिवार शाम करीब 4 बजे कस्बे के मझगवां थाने की जीप ने रौंद दिया था। झांसी में उपचार के दौरान उसकी मौत होने पर घर का इकलौता चिराग बुझने से परिजनों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित सैकड़ों लोगों ने पड़ाव चौराहे पर जाम लगाया।
परिजनों का आरोप था कि कार चला रहे मझगवां थाने के एसआई एस पांडेय शराब के नशे में थे। परिजन आरोपी एसआई का डाक्टरी परीक्षण कराने की मांग कर रहे थे। आधा घंटे के जाम में जब कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो लोग कोतवाली के सामने सड़क पर जाकर बैठ गए। इस दौरान कुछ लोगों ने कोतवाली में घुसने का प्रयास किया। जिन्हें पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर काबू में कर लिया।
करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद सीओ शुभसूचित विशेष पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ को देख लोग अपनी व्यथा बताने लपके। तभी वर्दीधारियों ने लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। इंसाफ मांग रहे निहत्थे लोगों को पुलिस ने दौड़ा दौड़ा कर पीटा। प्रदर्शनकारी महिलाओं व बच्चों पर भी खाकी का जोर देखने को मिला। इकलौते चिराग की मौत पर इंसाफ की मांग करने पर उन्हें भी पीटा गया। पुरुष सिपाहियों द्वारा महिलाओं की बेरहमी से पिटाई की गई है।
एसपी ने पीड़ित परिवार को बंधाया ढांढस
बवाल के बाद देर रात कस्बा पहुंचे एसपी हेमराज मीणा व अपर एसपी संतोष कुमार ने पीड़ित परिवार के घर पहुंच कर सांत्वना दी। एसपी ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। कोतवाली प्रभारी मनोज शुक्ला ने बताया मृतक के पिता रामू की तहरीर पर एसआई एस पांडेय के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
पुलिस की लापरवाही से बुझा घर का चिराग
रामू अहिरवार की तीन संतानों में दो बेटियां व एक बेटा राजा था। मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का वह भरण पोषण करता है। रविवार दोपहर इकलौते पुत्र का शव आने से परिवार में कोहराम मच गया। भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में बालक का अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस की जीप से घायल हुआ था बालक, झांसी में हुई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो