अमर उजाला ब्यूरो
डिडवीं टिक्कर/हमीरपुर। बल्यूट कृषि सेवा सहकारी सभा में सवा करोड़ के घपले के बहुचर्चित मामले में सभा प्रधान, उपप्रधान समेत दो सदस्यों की मैनेजिंग कमेटी पर पुलिस में केस दर्ज हो गया है। प्रदेश सहकारी सभाएं विभाग ने शनिवार को पुलिस थाना हमीरपुर में वित्तीय मामले में लापरवाही बरतने, गबन में सहयोग करने समेत सभा में रह कर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस ने पहले ही सभा सचिव पर मुकदमा दर्ज किया हुआ है। पुलिस सचिव को हर जगह तलाश कर चुकी है लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सभा के करीब 500 से अधिक सदस्यों की मेहनत की कमाई और जमा-पूंजी इस सोसायटी में जमा है। सचिव के अचानक गायब होने के बाद उपभोक्ताओं ने बीते माह मिनी सचिवालय हमीरपुर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था। सभा सदस्याओं ने जिला प्रशासन से उनकी जमा-पूंजी को वापस लौटने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
सोसायटी में प्रशासक की नियुक्ति
प्रदेश सहकारी सभाएं के पंजीयक ने शनिवार को सभा को भंग कर प्रशासक की नियुक्ति कर दी। जिला निरीक्षक सहकारी सभाएं कुलदीप शर्मा को बतौर प्रशासक नियुक्त किया है। अब सभा का सारा रिकॉर्ड उनके पास रहेगा। इससे पहले सभा के प्रधान मस्तराम, उपप्रधान धर्म चंद, सदस्य जगत राम और संजीव कुमार के पास सोसायटी का जिम्मा था।
डीएओ और इंस्पेक्टर की टीम करेगी ऑडिट
सहकारी सभाएं के पंजीयक ने प्रशासक की नियुक्ति के साथ ही जिला ऑडिट ऑफिसर (डीएओ) और इंस्पेक्टर की दो सदस्यीय टीम को सभा के ऑडिट का जिम्मा सौंपा है। बिलासपुर के जिला ऑडिट ऑफिसर रमेश चंद शर्मा और सरकाघाट मंडी के इंस्पेक्टर क्रीति नरेश सभा का 2015-16 और 2016-17 का ऑडिट करेंगे। ऑडिट टीम को एक माह के भीतर ऑडिट कर जांच रिपोर्ट शिमला स्थित पंजीयक सहकारी सभाएं को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
जिला ऑडिट ऑफिसर हमीरपुर नरेश दत्त ने कहा कि बल्यूट कृषि सेवा सहकारी सभा के मैनेजिंग कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। सहकारी सभाएं के पंजीयक ने यहां पर प्रशासक की नियुक्ति की है। दो सदस्यीय कमेटी को सहकारी सभा के ऑडिट का जिम्मा सौंपा है। 30 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट जमा करवानी है। सभा प्रधान, उपप्रधान एवं दो सदस्यों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
ऐसे आया था मामला सामने
हमीरपुर में बल्यूट कृषि सेवा सहकारी सभा एक पुरानी सोसायटी है। वर्तमान में इसके चार सदस्यों के अलावा करीब 500 ग्राहक हैं। 25 अप्रैल को सचिव को सहकारी सभाएं सहायक पंजीयक के पास पेशी के लिए बुलाया था। 24 अप्रैल 2017 को सभा सचिव अपने परिवार के सदस्यों के साथ अचानक गायब हो गया। वह सोसायटी कार्यालय में एक सूसाइड नोट भी रख गया था। 4 मई को सहकारी सभाएं के निरीक्षक ने सभा के कार्यालय का दौरा किया तो सचिव के लापता होने का मामला उजागर हुआ। बाद में पुलिस थाना हमीरपुर में सचिव के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। सचिव को सहकारी सभाएं विभाग ने पहले भी एक मामले में निलंबित किया था। एक निलंबित कर्मचारी को दोबारा जिम्मेवारी वाले पद पर नियुक्त करना कई सवाल खड़े कर रहा है।