अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। संदिग्ध हालात में गोली लगने से डॉक्टर और उनकी शिक्षक पत्नी की मौत के मामले में मोबाइल की कॉल डिटेल न मिल पाने से पुलिस अभी तक कोई नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। घटना के चार दिन बाद भी यह पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है कि दंपति की हत्या की गई है या फिर डॉक्टर ने पत्नी की हत्या कर खुद को गोली से उड़ाया है।
मौदहा कस्बे के मलीकुआं मोहल्ला निवासी डॉक्टर ओपी सिंह और उनकी शिक्षक पत्नी गीता की गोली लगने से मौत हो गई थी। मंगलवार की तड़के पुलिस को दोनों के खून से लथपथ शव उनके घर से मिले थे। पुलिस ने जांच के दौरान चिकित्सक के घर से कई साक्ष्य मिलने का दावा किया था। हालांकि पुलिस को आशंका है कि डॉक्टर ने पत्नी की हत्या कर आत्महत्या की है। परिजन इसे दुर्घटना मान रहे हैं।
कोतवाल एके सिंह का कहना है कि डॉक्टर ऐसी कोई बात से पत्नी से नाराज था। शायद इसी कारण उसने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बताया कि दोनों के मोबाइल सर्विलांस में लगे हैं। अभी तक कॉल डिटेल नहीं मिली है।
कॉल डिटेल मिलने पर ही वह किसी नतीजे पर पहुंचेंगे। उधर मामले की जांच कर रहे सीओ आरएन सिंह ने बताया कि जांच जारी है। अभी कुछ बताने की स्थित में नहीं हैं। तीन दिन तक पुलिस ने डॉक्टर के मकान से खून से सना उसका लोअर, खून से सनी नॉयलान की रस्सी, खून से सनी लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में लेकर तेजी से जांच की, मगर गुरुवार को पुलिस ने किसी से कोई पूछताछ नहीं की है। इससे लगता है कि पुलिस की जांच धीमी पड़ गई है।
-डॉक्टर दंपति की गोली लगने से मौत का मामला
-चार दिन गुजरने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली