पत्योरा। यमुना नदी से निकली पत्योरा पंप कैनाल में काम करते समय मजदूर के सिर में बल्ली लग गई थी। गंभीर अवस्था में उसे कानपुर हैलट में भर्ती कराया गया था।
जहां छठवें दिन बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। उसके परिजनों ने ठेकेदार व नहर विभाग पर मदद न करने का आरोप लगाया है।
सुमेरपुर थानाक्षेत्र के पत्योरा गांव निवासी मजदूर रामप्रकाश (50) 20 सितंबर को पंप कैनाल में चार साथियों के साथ काम करने गया था। कैनाल में जर्जर पाइपों की जगह नई पाइप लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है।
उसके साथी मजदूर रामबिलास निषाद ने बताया एक पाइप का वजन लगभग आठ क्विंटल था, जिसे सात मजदूर बल्ली के सहारे उठा रहे थे। पाइप उठाते समय बल्ली हाथ से छूटने पर वह सीधे रामप्रकाश के सिर पर लगी।
जिससे वह वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। पहले उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकाें ने उसे कानपुर हैलट रेफर कर दिया। जहां पांच दिन तक रामप्रकाश बेहोशी की हालत में रहा।
बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। उसके पुत्र रामफल ने बताया ठेकेदार व नहर विभाग ने कोई मदद नहीं की है। ठेकेदार ने मात्र 20 हजार रुपये दिए हैं, जबकि 1.5 लाख रुपये इलाज में खर्च हुआ।
उधर, नहर विभाग के जेई राहुल वर्मा ने बताया मौखिक तौर से मरम्मत का कार्य कराया जाता है। इस बारे में एसआई इंद्रपाल ने बताया तहरीर में कैनाल में काम करते समय बल्ली सिर पर गिरने से इलाज के दौरान मौत होना बताया गया है।
पंप कैनाल में काम करते समय सिर में बल्ली लगी थी
अमर उजाला ब्यूरो