अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। एक माह बाद पुन: जिले में पांच सदस्यीय सीबीआई टीम ने पहुंच खनन से संबंधित साक्ष्य जुटाए। टीम के पहुंचने की जानकारी जिला प्रशासन को भी नहीं हो सकी। टीम हरेहटा, डिमुंहा, नैठी व पतारा मौरंग खदानों में पहुंच साक्ष्य जुटाती रही।
पिछले वर्ष बेतवा नदी में अचानक आई बाढ़ से पतारा गांव के किनारे खदान संख्या तीन में एक ट्रक व एक जेसीबी डूब गई थी। जिसे पिछली बार आई सीबीआई टीम ने मौके पर देखा था। लेकिन इस बार पहुंची टीम को मौके से ट्रक व जेसीबी नदारद मिले। टीम के साथ उच्च न्यायालय में जनहित याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी साथ रहे। उन्होंने बताया कि टीम को हरेहटा में बेतवा नदी में 150 फिट गहरे गड्ढे मिले।
वहीं किसानों के खेत भी तालाब में तब्दील मिले। इसी तरह डिमुंहा में टीम को झांकड़ व बालू डालकर रास्ता रोका मिला कि टीम को मौके से कोई साक्ष्य न मिले। टीम ने नाव का प्रयोग कर मौके की वीडियोग्राफी कर साक्ष्य जुटाने के बाद सीधे लखनऊ का रुख कर लिया। टीम द्वारा पतारा खदान के खंड संख्या तीन में पहुंचकर ट्रक व जेसीबी की तलाश की गई। जिस पर टीम ने पाया कि माफियाओं ने दोनो ंको पहले ही निकाल लिया है। माफियाओं केद्वारा बनाए गए पुल के अवशेष मिले। साथ ही मौके पर ट्राला पहुंचने के भी निशान पाए गए। वहीं इन सबके विपरीत इतना होने के बावजूद प्रशासन को इस काम की भनक तक नहीं लगी। इस मामले में अपर जिलाधिकारी कुजविहारी अग्रवाल ने कहा कि सीबीआई के आने की जानकारी नहीं है। कहा कि हो सकता है आई हो और जांच कर चली गई हो।
पतारा और आसपास के गांवों में पहुंची सीबीआई टीम