एडीएम डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने बुधवार को विकास
भवन में अचानक छापा मारा। निरीक्षण में 12 अधिकारी और 36 कर्मचारी नदारद
मिले। डीएम ने सभी का एक दिन का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण मांगा है।
साथ ही चेतावनी दी कि निरीक्षण में यदि फिर गायब मिले तो सेवा समाप्ति के
लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
एडीएम डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने
बुधवार को शाम 4:20 बजे विकास भवन का निरीक्षण किया। जिला विकास अधिकारी
कार्यालय के हरनारायण गुप्ता, नाैंसी, सीमा खान, अंशुलता, ज्ञानसिंह व
शिवप्रसाद अनुपस्थित मिले।
जिला पिछड़ा वर्ग के अधिकारी व लिपिक
विजय कुमार, सीबीओ नेमीचंद्र प्रजापति, राजेश सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी
जल संसाधन में कालिका प्रसाद, विनोद कुमार भी नहीं मिले।
जिला
पंचायत राज अधिकारी कार्यालय की लिपिक राजकुमारी कंचन, परियोजना अधिकारी
आरएस सिंह, जगमोहन सिंह, राकेश, महेंद्र, आरईएस कार्यालय के रमेशचंद्र,
श्रीराम शर्मा, किशनचंद्र व अधिशाषी अभियंता अनुपस्थित मिले। जिला कृषि
अधिकारी अभयराज सिंह, सहायक अभियंता लघु सिंचाई अखिलेश कुमार अनुपस्थित
मिले।
अभियंता प्रदीप कुमार 27 जनवरी से अनुपस्थित हैं। बताया गया
कि सहायक अभियंता कार्यालय में 10 से 12 बजे के बीच उपस्थित नहीं रहते हैं।
निरीक्षण में कृषि रक्षा इकाई कार्यालय में ताला बंद मिला। मत्स्य विभाग
के अधिकारी एनके अग्रवाल व लिपिक नसीर अनुपस्थित मिले।
डीआरडीए
कार्यालय के कैलाश द्विवेदी का अवकाश प्रार्थना पत्र बिना स्वीकृति
उपस्थिति पंजिका में पाया गया, जबकि अरुण कुमार, विनोद कुमार अवकाश में व
गायत्री देवी अनुपस्थित पाई र्गइं।
निरीक्षण के समय विकास भवन का
मुख्य गेट बंद कर दिया गया लेकिन हाईवे पर खड़े कर्मचारियों ने भनक पाते ही
गेट को धक्का देकर अंदर प्रवेश कर गए। डीएम संध्या तिवारी ने सभी का एक
दिन का वेतन रोके जाने के साथ स्पष्टीकरण मांगा है।