हमीरपुर। एक माह पूर्व शौच के लिए गई किशोरी की आंखों में पट्टी बांध अगवाकर दुष्कर्म करने में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नीरज कुमार महाजन की अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। एक अन्य दुष्कर्म के मामले में भी आरोपी को राहत नहीं मिली है।
विशेष लोक अभियोजक रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि जरिया थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने अदालत में दिए कलमबंद बयान में बताया कि 31 फरवरी की शाम सात बजे वह शौच को बाहर गई थी। तभी पीछे से किसी ने पकड़कर आंखों में पट्टी बांध दी। उसे कहीं ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया। एक आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। दो आरोपी उसके पैर पकड़े थे। उसे होश नहीं रहा। सुबह चार बजे जब होश आया तो दुष्कर्म करने वाले आरोपी ने धमकी दी कि अगर किसी को बताएगी तो उसके भाई व पिता को जान से मार डालेगा। लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत ने आरोपी दर्शन लोधी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
वहीं दूसरे मामले में सुमेरपुर के एक मोहल्ला निवासी किशोरी ने अदालत को दिए कलमबंद बयान में बताया कि 21 दिसंबर 2021 को रात दो बजे आरोपी संजय तिवारी ने फोन कर घर के पीछे बुलाया। वह आरोपी को नौ महीने से जानती है। उससे प्यार करने पर मिलने चली गई। आरोपी अपने खाली पड़े मकान में ले गया। वह दोनों 22 दिसंबर की शाम सात बजे तक रहे। फिर वहां से शादी करने के लिए बांदा गए। वहां उसके साथ दो लड़के कंहैया व दुर्गेश उन्हें एक मंदिर ले गए। दोनों ने मर्जी से शादी कर एक साथ रहने लगे। कहा कि उन दोनों ने आपसी सहमति से संबंध बनाए हैं। लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत ने दुष्कर्म पीड़िता के नाबालिग होने पर आरोपी संजय तिवारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।