हमीरपुर। शहर के मेरापुर निवासी एक वृद्ध वैद्य की बीते दिनों जालौन जिले के इकौना गांव में हत्या हुई थी। इस मामले में उरई की क्राइम ब्रांच इन दिनों जिले के कुरारा व शहर में गुप्त रूप से डेरा जमाकर हत्यारोपियों तक पहुंचने की फिराक में है। टीम ने शहर के कई स्थानों से सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए। वहीं यूपी एसटीएफ की शहर में दस्तक को लेकर चर्चाएं हैं।
शहर कोतवाली के मेरापुर निवासी वैद्य कालीचरण (65) का शव 22 जुलाई को जालौन जिले के कदौरा थानाक्षेत्र के इकौना गांव के जंगल में मिला था। पुलिस के मुताबिक वैद्य की हत्या गला दबाकर की गई। चेहरे को ईंट-पत्थर से क्षतविक्षत किया गया था। घटना के पीछे पुरानी रंजिश होना बताया जा रहा है। वैद्य के भाई लखन प्रजापति ने बताया 21 जुलाई को उनके भाई कालीचरण चार अनजान लोगों के साथ कार से आए थे।
कुछ देर बाद घर में यह कहकर चले गए कि वह कुरारा में एक मरीज को देखने जा रहे हैं। इसके बाद उसी दिन शाम करीब सात बजे कालीचरण के मोबाइल पर बात हुई। फिर संपर्क नहीं हुआ। अगले दिन 23 जुलाई को मौत होने की सूचना मिली। मामले की जांच कर रही कदौरा थाना पुलिस व उरई की क्राइम ब्रांच की टीम घटना के तार कुुरारा क्षेत्र से जुड़ा होना मानकर चल रही है। इसी को लेकर पिछले दो दिनों से टीम शहर व कुरारा में गुपचुप तरीके से प्राइवेट स्थानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज को एकत्र कर मामले की पड़ताल में जुटी है।
शहर में सक्रिय है एसटीएफ
कानपुर बिकरू हत्याकांड के मुख्य आरोपी रहे विकास दुबे के करीबी अमर दुबे का आठ जुलाई को मौदहा कोतवाली के नेशनल मार्ग पर यूपी एसटीएफ व कोतवाली पुलिस ने एनकाउंटर किया था। तब से जिला सुर्खियों में है। यहां कब एसटीएफ आ जाए और अपना काम कर कब चली जाए। यह जिले की पुलिस को भी नहीं पता चलता। आम लोगों की मानें तो शहर निवासी एक युवक ने बताया कि बीते शनिवार की शाम करीब छह बजे बिना नंबर की सफेद टाटा सूमो आई थी और उससे पूछा कि तुम्हारा सीसीटीवी चालू हालत में है या नहीं। इतना पूछने पर के बाद वाहन कुरारा की ओर बढ़ गया। युवक ने दावे के साथ कहा कि यह टीम एसटीएफ की ही थी। जो किसी घटना को लेकर शहर में घूम रही है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों से बात करने पर उन्होंने भी शहर में एसटीएफ के होने से इनकार किया है।