हमीरपुर। शहर के पंजाब नेशनल बैंक शाखा के डिप्टी मैनेजर ने अपने ही बैंक को 38 लाख रुपये की चपत लगा दी। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन की वजह से बैंक में आधे स्टाफ के साथ किए जा रहे कार्य की वजह से डिप्टी मैनेजर ने इस बड़े घोटाले को अंजाम दे डाला। बैंक मैनेजर की तहरीर पर डिप्टी मैनेजर के खिलाफ सरकारी धन के गबन की एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
बैंक मैनेजर नरेंद्र सिंह ने शहर कोतवाली में दी तहरीर में बताया बैंक में मो. आमिर डिप्टी मैनेजर के पद पर हैं। कोरोना और लॉकडाउन की वजह से बैंक में आधे स्टाफ से काम चल रहा है। इसके चलते प्रतिदिन ड्यूटी बदलती रहती है। बैंक मैनेजर के पास धन जमा और निकासी का जो आईडी पासवर्ड होता है, वो दूसरे दिन बैंक का चार्ज संभालने वाले को हस्तांतरित कर दिया जाता है। इसी का फायदा उठाते हुए पंद्रह दिन के अंदर डिप्टी मैनेजर मो. आमिर ने बैंक खजाने के 38 लाख रुपये अपने एकाउंट में ट्रांसफर करके खुर्द-बुर्द कर दिया।
इसकी जानकारी होने पर जब बैंक के खजाने को खंगाला गया तो उसमें 38 लाख रुपये कम निकले हैं। कोतवाल एमके शुक्ला ने बताया पीएनबी बैंक कर्मी को इस बात का अधिकार है कि वह 7.50 लाख रुपये अपने एकाउंट में बतौर लोन ट्रांसफर कर सकता है, इसके लिए ज्यादा औपचारिकता भी नहीं करनी होती है। लेकिन उक्त धनराशि की लोन की तरह अदायगी करनी होती है। शुरुआती जांच में डिप्टी मैनेजर द्वारा 38 लाख रुपये गबन करने का मामला प्रकाश में आया है। इसकी गहराई से जांच की जा रही है। बैंक से संबंधित कागजात तलब किए गए हैं।