राठ। मझगवां थानाक्षेत्र के खड़ाखर गांव में दबंगों के उत्पीड़न से आहत छात्रा के आत्महत्या के मामले में बुधवार को कमिश्नर, आईजी, डीएम व एसपी ने गांव पहुंच कर घटना की जानकारी ली। इस दौरान अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते रहे। वहीं आरोपी पक्ष ने भी अपनी फरियाद सुनाई।
खड़ाखर गांव निवासी बीए की छात्रा ने रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। छात्रा के पिता का आरोप है कि तीन मई को प्रधानी की जीत का जश्न मना रहे दबंगों ने बेटी को डीजे पर जबरन नचाते हुए अभद्रता की थी। जिसका मुकदमा लिखाने पर आरोपी राजीनामा का दबाव बना रहे थे। आहत होकर छात्रा ने आत्महत्या की है। सोशल मीडिया में इस मामले के उछाले जाने के बाद राजनैतिक रंग पकड़ गया। पुलिस सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दरोगा बाबूराम शुक्ला को लाइन हाजिर किए जा चुका है। वहीं राठ व चरखारी विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर उक्त मामले में पुलिस अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
जिसके बाद बुधवार को कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह, आईजी के सत्यनारायणा, डीएम डॉ. ज्ञानेश्वर त्रिपाठी व एसपी नरेंद्र कुमार गांव पहुंचे। अधिकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक पीड़ित परिवार से पूछताछ की। बसपा नेता व पूर्व मंत्री चौधरी धूराम लोधी ने पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत व प्रतिनिधि संतराम राजपूत ने अपने समर्थकों सहित गांव पहुंच पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। सपा नेता व रिहुंटा सीट से जिला पंचायत सदस्य रामसजीवन यादव ने पीड़ित परिवार को तन, मन, धन से सहयोग का आश्वासन दिया।
उधर, गांव में अधिकारियों के आने की सूचना पर आरोपी पक्ष से करीब एक सैकड़ा महिलाओं ने कमिश्नर व आईजी की गाड़ी रोककर उनके सामने अपनी बात रखी। ग्रामीणों का कहना है कि छात्रा की आत्महत्या में निर्दोष लोगों को फंसाया गया है। महिलाओं ने कहा यदि पुलिस बिना किसी दबाव के निष्पक्ष रूप से जांच करे तो मामला उल्टा निकलेगा। छात्रा की आत्महत्या के असली दोषी खुले घूम रहे हैं। ग्रामीणों ने मामले की सीबीआई जांच कराकर सच्चाई सामने लाने की मांग की। कमिश्नर व आईजी ने कहा शासन ने उन्हें जांच के लिए भेजा गया है। किसी भी निर्दोष नहीं फंसने दिया जाएगा।
छात्रा की काल डिटेल खंगाले जाने के लिए डीजीपी को भेजा पत्र
हमीरपुर। छात्रा के आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। अब आरोपी पक्ष ने पुलिस महानिदेशक को पत्र भेज मामले की उच्चस्तरीय या सीबीसीआईडी जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही जन सुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। खड़ाकर गांव निवासी राजकुमार पुत्र विपिन बिहारी ने पुलिस महानिदेशक और जन सुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत में कहा है कि छात्रा के आत्महत्या मामले में उन लोगों को गलत फंसाया जा रहा है। कहा वर्ष 2010-15 में उनके भाई बलराम तिवारी उर्फ बल्ले व वर्ष 2015-20 में उनकी मां पार्वती प्रधान बनीं।
आरक्षण में बदलाव होने पर परिवार के समर्थन से प्रमोद अहिरवार चुनाव जीते। प्रधान के मतगणना एजेंट उनके चाचा रमाकांत त्रिपाठी रहे हैं। इसके चलते विपक्षी उनके परिवार से रंजिश रखते हैं। कहा मृतक छात्रा के बाबा राजबहादुर पूर्व प्रधान रहे हैं। इसलिए उनके पिता राममिलन चुनावी रंजिश मानते हैं। उनका गांव लोधी बहुल है। कहा, चिकासी थानाक्षेत्र के रिहुंटा निवासी औशेंद्र की पिछले 18 जून को शादी हुई है। आरोप लगाया औशेंद्र की मृतका छात्रा से मोबाइल पर बात होती थी। 20 जून को छात्रा ने आत्महत्या की। इस मामले में उनकी बातचीत की काल डिटेल को भी दर्ज मुकदमे में जांच का हिस्सा बनाया जाए। जिससे सच्चाई सामने आएगी। आरोप लगाया महोबा के चरखारी विधायक पीड़िता के सजातीय होने के कारण उन लोगों को फंसाने का कुचक्र रच रहे हैं।
निर्दोषों को फंसाने पर होगा आंदोलन
हमीरपुर। शहर निवासी समाजसेवी अवैध खनन मामले के याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी एडवोकेट ने छात्रा की आत्महत्या मामले की निंदा की है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। कहा मामले में आरोपी बनाए गए बलराम तिवारी व परिवार के अन्य लोगों को राजनैतिक रंजिश में गलत फंसाया जा रहा है। जांच कराई जाए। जांच में वास्तविकता सामने आएगी। निर्दोष को मामले में फंसाने पर वह आंदोलन को बाध्य होंगे।
राठ विधायक मुख्यमंत्री से मिलीं
हमीरपुर। खड़ाखर गांव में छात्रा की मौत के मामलेे में विधायक मनीषा अनुरागी ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके कार्यालय में पहुंचकर भेंट की। साथ ही मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी दी। विधायक ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। कहा छात्रा के साथ घटित घटना अमानवीय है। घटना में दोषियों को संरक्षण देने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने की मांग की है।
खड़ाखर गांव में कमिश्नर व आईजी को आरोपी पक्ष की ओर से अपनी फरियाद सुनातीं ग्रामीण महिलाएं- फोटो : HAMIRPUR
खड़ाखर गांव में पीड़ित पक्ष से जानकारी लेते डीएम व एसपी- फोटो : HAMIRPUR