फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तत्कालीन ईओ पर रिपोर्ट न होने से सभासद आक्रोशित

विज्ञापन
विज्ञापन
मौदहा (हमीरपुर)। नगर पालिका में लंबे समय से भ्रष्टाचार रहा। अध्यक्ष समेत अन्य मातहतों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला थम गया है। वहीं नाला सफाई में हुए गड़बड़झाले में पूर्व अधिशासी अधिकारी एमके चौधरी का नाम तो आया, लेकिन तत्कालीन ईओ राजेश वर्मा का नाम न आने से आक्रोशित सभासदों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। शिकायत की प्रतियां मंडलायुक्त व मुख्यमंत्री को भी भेजीं हैं।
विज्ञापन

नगर पालिका अध्यक्ष रामकिशोर और तत्कालीन ईओ राजेश कुमार वर्मा के बीच उपजे विवाद में भ्रष्टाचार बाहर आ गया। इसमें कुछ लोगों ने लाभ कमाया। जबकि कस्बे के लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। तत्कालीन ईओ को निदेशालय से संबद्ध किया गया हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने नाला सफाई के ठेके को 55 लाख में उठाकर राजस्व को लंबी चपत लगाई तो लोडर खरीद व अन्य कई मामलों में भारी वित्तीय अनियमितताएं पकड़ी।
बुधवार एसडीएम राजेश कुमार चौरसिया की तहरीर पर अध्यक्ष रामकिशोर, पूर्व ईओ महेंद्र कुमार चौधरी, जेई हर्षित पटेरिया, एई एलपी निरंजन, ठेकेदार कमलेश कुमार वर्मा, फरीद उद्दीन और प्रवीण कुमार दीक्षित पर सरकारी धन गबन करने के आरोप में कोतवाली में मामला दर्ज कर जांच शुरू हुई है। वहीं भ्रष्टाचार मामले में तत्कालीन ईओ राजेश कुमार वर्मा का नाम न होने से कुछ सभासदों ने आक्रोश जताया है।
विज्ञापन

सभासद कुतुबउद्दीन जुम्मू, अर्चना निगम, मुईनुद्दीन, उमर फारूक बाबू राना आदि ने ईओ के हस्ताक्षरों से होने वाले बिलों के भुगतान के बाउचरों की छाया प्रति लगाकर जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी को शिकायती पत्र दिया है। जिसमें तत्कालीन ईओ को दोषी मानते हुए मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। इस मामले एसडीएम राजेश चौरसिया ने कहा जांच के समय ठेकेदार फरीदउद्दीन के भुगतान के मामले में जो शिकायत सभासदों की आई है। जिसमें नाला सफाई में ठेकेदार को तीन लाख से अधिक का भुगतान तत्कालीन ईओ राजेश वर्मा ने किया है। कहा इस मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें