पतारा मौरंग खदान के बैरियर में हुई लूट और हत्याकांड के मामले में बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने जाल बिछा दिया है। लेकिन उसे सफलता नहीं मिली है। चित्रकूट, महोबा व हमीरपुर की क्राइम ब्रांच की टीम के अलावा जिले के आधा दर्जन से अधिक थानोंदारो की अलग अलग टीमें बनाई गई है। जो अपने स्तर से बेतवा नदी की तलहटी किनारे बसे बीहड़ी गांवों में काबिंग कर संवेदनशील इलाकों में दबिश दे रही है।
शनिवार की सुबह सशस्त्र आधा दर्जन बदमाशों ने बेतवा नदी किनारे स्थित कंडौर पतारा मौरंग घाट के बैरियर में धावा बोला था। इस वारदात में बदमाशों के एक साथी की गोली लगने से मौत हो गई थी।
जबकि बदमाश दो दोनाली बंदूक, एक राइफल व कैश लूट ले गए थे। घटना के बाद से क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक मौरंग व्यवसाइयों व ट्रक चालकों में दहशत है। रविवार को डीआईजी बीआर मीणा ने घटना स्थल का निरीक्षण किया।
उन्होंने महोबा, चित्रकूट व हमीरपुर की अलग अलग क्राइम ब्रांच की टीमों को घटना के खुलासे के लिए लगाया है। साथ ही एसपी बीके शेखर ने सुमेरपुर, मौदहा, ललपुरा, बिवांर, कोतवाली आदि थानेदारों को अपने अपने स्तर से फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बना दी है।
सभी टीमें अपने स्तर से दिन रात कांबिग कर रही है। थानाध्यक्ष कुरारा आरके सरोज ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वह पूरा प्रयास कर रहे है। बताया कि फरार आरोपियों के नाते रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर दबाव बनाया जा रहा है। करीब 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है।