भरुआ सुमेरपुर। कस्बे की रिमझिम इस्पात फैक्टरी में झुलसा क्रेन ऑपरेटर रामकिशोर प्रजापति लखनऊ के केजीएमयू में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। उसकी जान बचाने के लिए परिजन घर की जमा पूंजी खर्च कर रहे हैं। परिजन का आरोप है कि अब तक फैक्टरी प्रबंधन की ओर से इलाज के लिए कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई है।
बसंत नगर निवासी रामकिशोर (56) बीते गुरुवार को फैक्टरी में काम करते समय गर्म लोहा गिरने से गंभीर रूप से झुलस गया था। वह फैक्टरी में स्थायी कर्मचारी के रूप में क्रेन ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। घटना के बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उसी दिन कानपुर रेफर कर दिया गया। उर्सला अस्पताल में उपचार के बाद शुक्रवार को उसे लखनऊ के केजीएमयू भेजा गया जहां उसका इलाज चल रहा है।
रामकिशोर के पुत्र जयकरण ने बताया कि पिता की हालत अभी स्थिर है। फैक्टरी के मैनेजर आए थे लेकिन इलाज के लिए अब तक कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है। परिवार अपने संसाधनों से उपचार करा रहा है। वहीं फैक्टरी के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि मैनेजर को भेजकर इलाज से संबंधित बिल-वाउचर लिए गए हैं। जल्द ही रामकिशोर के खाते में धनराशि स्थानांतरित कर आर्थिक सहायता दी जाएगी।