सुमेरपुर थानाक्षेत्र के सुरौली गांव में गुरुवार रात घर के अंदर सो रहे दंपति की भतीजे ने फावड़े से गला काटकर हत्या कर दी। घटना के बाद हत्यारा दरवाजे पर ताला डाल कर फरार हो गया। करीब 36 घंटे तक दोनों के शव घर के अंदर पड़े रहे।
फोन रिसीव न करने पर दंपति की बेटी को शक हुआ तो उसने पड़ोसियों को फोन कर घर जाने को कहा। शनिवार सुबह पड़ोसी घर पहुंचे तो दोनों के शव देख उनके होश उड़ गए। मृतक की बेटी ने जमीन के विवाद में चचेरे भाई पर हत्या करने का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। मौके से फावड़ा भी बरामद हुआ है।
सुरौली गांव निवासी किसान कृष्णगोपाल सिंह (70) पत्नी कल्ली देवी (65) के साथ रहता था। गुरुवार रात उनकी विवाहित बेटी लक्ष्मी सिंह ने उन्हें फोन मिलाया। फोन रिसीव न होने पर लक्ष्मी ने गांव निवासी लक्ष्मीरमन बाजपेई को शुक्रवार रात करीब 9:20 बजे फोन कर पिता से बात कराने को कहा।
इस पर लक्ष्मीरमन कृष्णगोपाल को आवाज देता रहा लेकिन जवाब न मिलने पर वह लौट गया। शनिवार सुबह फिर लक्ष्मी का फोन आने पर लक्ष्मीरमन उसके पिता के घर गया। बाहर से ताला लगा देख आशंका होने पर उसने गांव निवासी सुरेश कोरी को बुलाया। सुरेश ने खपरैल से चढ़कर अंदर जाकर देखा तो उसके होश उड़ गए। वहां कृष्णगोपाल और कल्ली के शव पड़े थे। उनकी गला काटकर हत्या की गई थी।
थानाध्यक्ष जेपी यादव ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। मृतक दंपति की छोटी पुत्री वंदना ने गांव में रह रहे चचेरे भाई मान सिंह पर खेती और मकान हड़पने की नियत से हत्या करने का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई है।
प्रभारी एसपी ब्रजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि मामले का शीघ्र खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने आरोपी मान सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उसने बताया कि चाचा जमीन जायदाद बेच रहा था। विरोध के बाद भी न मानने पर उसने उनकी हत्या कर दी।