वर्ष 2015-16 को उन्नयन वर्ष मनाने को लेकर 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री के संभावित दौरे से शिक्षा विभाग खासा चौकन्ना है। इसके चलते बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने तीन विकास खंडों के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में पांच प्रधानाध्यापक और तीन सहायक टीचर गैरहाजिर मिले। बीएसए ने सभी आठ टीचरों को निलंबित कर दिया है।
आगामी 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर खासकर बेसिक शिक्षा विभाग कुछ ज्यादा सतर्क दिख रहा है। इसको लेकर बेसिक शिक्षाधिकारी व खंड शिक्षाधिकारियों ने सुमेरपुर, मुस्करा व गोहांड विकासखंड के विद्यालयों का निरीक्षण किया। जिससे मुस्करा कस्बे में प्राथमिक विद्यालय तृतीय बंद मिला।
जिस पर वहां के प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार व सहायक अध्यापक ममता राजपूत को निलंबित कर दिया गया। वहीं, कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय खड़ेहीलोधन में प्रधानाध्यापक रामप्रसाद के देरी से पहुंचने पर निलंबित किया है। वहीं इसी गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को निरीक्षण किया गया, तब इसके बंद मिलने पर प्रधानाध्यापक रामरूप पाठक को निलंबित किया गया है।
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय दामूपुरवा 2.45 बजे पर बंद मिला। जिस पर यहां के प्रधानाध्यापक नृपत सिंह को निलंबित किया गया है। बीएसए इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि इस विद्यालय में परीक्षाएं भी नहीं कराई गई हैं।
इसी तरह गोहांड विकासखंड के नंदना गांव के प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका मालती देवी, प्राथमिक विद्यालय अमूंद की सहायक अध्यापक हीरादेवी व उच्चतर प्राथमिक विद्यालय रिगवारा कला के इंचार्ज प्रधानाध्यापक प्रभुदयाल के अनुपस्थित मिलने पर इनके निलंबित की कार्रवाई की गई है। बीएसए ने बताया कि सुमेरपुर विकास खंड के 17 विद्यालयों के निरीक्षण में सभी संचालित मिले। इस कार्यवाही से लापरवाह शिक्षकों में हड़कंप है।