= दुष्कर्म व घर में घुसकर अपराध करने की धाराओं में दोषसिद्ध
= वर्ष 2023 में हुई थी घटना, न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नाबालिग को उसी के घर में पीछे बने कमरे में ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने फैसला सुनाया है। आरोपी को दोषी करार देते गुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसी के साथ 13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त साधारण सजा भुगतनी होगी।
जानकारी के अनुसार पीड़िता की मां ने 30 अगस्त 2023 को शहर कोतवाली में पुलिस को लिखित शिकायती पत्र दिया था। आरोप था कि जरैली मड़ैया निवासी रामरतन उसके घर आया और उसकी 11 वर्षीय पुत्री को घर के पीछे बने कमरे में ले गया, जहां उसके साथ जबरदस्ती करते हुए दुष्कर्म किया। पुलिस ने शिकायती पत्र के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पीड़िता का बयान दर्ज कराने के साथ उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। मामले में धारा 376(3), 450 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धारा-4 के तहत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। अदालत में अभियोजन की ओर से पीड़िता, उसकी मां, विवेचक और चिकित्सक समेत अन्य साक्षियों के बयान कराए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने माना कि आरोपी ने नाबालिग के साथ गंभीर यौन अपराध किया। आरोप सिद्ध होने पर रामरतन को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3) के तहत आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। इसके साथ ही धारा 450 के तहत भी पांच वर्ष के कठोर कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।