जल संस्थान में ठेके के कर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई। हड़ताल के चलते कस्बे की पेयजल व्यवस्था लड़खड़ा गई थी। देर रात अधिकारियों की मध्यस्थता पर ठेकेदार व कर्मियों के बीच वार्ता हुई। रविवार दोपहर बाद से पेयजल व्यवस्था सुचारु हो गई। वहीं 36 घंटे बाद कस्बे के एक चौथाई भाग को पानी मिलने से राहत की सांस ली।
जल संस्थान के ठेके के कर्मियों ने शनिवार को सुबह ऐसे समय हड़ताल शुरू कर दी थी। रहमानियां इंटर कॉलेज मार्ग की मुख्य पाइप लाइन फटने आधा दर्जन से अधिक मोहल्ले पानी की किल्लत से जूझने लगे। हैंडपंप मरम्मत व नलकूप संचालन का कार्य बंदकर कार्यालय पर हड़ताल शुरू करने वाले कर्मियों से अधिशाषी अभियंता की वार्ता विफल होने के बाद ठेकेदार को मौके पर बुलाया गया। इस मामले की मध्यस्थता उप जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने की।
जब कहीं रात करीब 11 बजे ठेकेदार और कर्मचारियों के बीच वार्ता पूरी हुई। उनकी मुख्य मांग श्रम विभाग में पंजीयन व बीमा एक सप्ताह में करा दिया जाएगा। तब तक वह काम करेंगे। यदि इसके बाद भी उनकी यह मांग पूरी नहीं हुई तो कर्मी पुन: अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने को मजबूर होंगे। उधर मुख्य पेयजल की लाइन को कार्यालय के वृद्ध कर्मी भद्दी ने अकेले ही भीषण गर्मी के बीच ठीक कर लिया। तब रविवार को पानी की सुचारू रूप से आपूर्ति शुरू हो सकी। इसके पूर्व 36 घंटे से अधिक समय तक पानी के लिए तरस रहे कस्बे वासियों की प्यास बुझाने के लिए जल संस्थान ने दो टैंकर लगाकर पानी मुहैया कराना शुरू कर दिया। इस पर भी एक सभासद पानी की सियासत करने में जुटा रहा। अधिशाषी अभियंता एसए त्रिवेदी ने यहां आकर व्यवस्था का जायजा लिया। हालांकि स्वीकृत नए नलकूप का कार्य अभी शुरू नहीं हो सका।