मौदहा में प्रधानमंत्री का पुतला फूंकते कांग्रेसी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महोबा आगमन पर उम्मीद लगाए बैठे यहां के किसानों और क्षेत्रवासियों को निराशा हाथ लगी है। इस पर मंगलवार को कांग्रेसियों ने मोदी का पुतला फूंक उन्हें बुंदेलखंड व किसान विरोधी बताया।
पार्टी कार्यालय में बैठक के बाद जुलूस के साथ मोदी का पुतला वरिष्ठ नेता डा. शाहिद अली के नेतृत्व में निकाला गया। थाना चौराहे पर वरिष्ठ पार्टी नेता केशव बाबू शिवहरे ने पुतले पर आग लगाई और मुर्दाबाद के नारे लगाए। जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह, प्रदेश सचिव सफकतुल्ला राजू, ओमप्रकाश वारसी, गुलाम मुर्तजा, सेवादल जिलाध्यक्ष रामबाबू दीक्षित, नगर अध्यक्ष इस्लाम व फरीद अहमद सहित अन्य ने पुतला फूंकने के बाद आरोप लगाया कि महोबा में प्रधानमंत्री की रैली में सरकारी व गैर सरकारी करोड़ों रुपये व्यय किए गए।
लेकिन यहां के किसान कर्ज से आत्महत्या कर रहे हैं। अन्ना मवेशियों से फसलें नहीं बचा पा रहे हैं। इस पिछड़े क्षेत्र के लिए एम्स की मांग की गई थी। साथ ही कुछ नई ट्रेनें बांदा-कानपुर-दिल्ली व खजुराहो तक चलाने की मांग की गई थी। इस पर प्रधानमंत्री एक शब्द भी नहीं बोले। बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने, केंद्र व प्रदेश की बड़ी अर्जुन सहायक परियोजना केंद्र सरकार से बजट न मिलने के कारण अधूरी पड़ी है। केन-बेतवा गठजोड़ की पुरानी योजना की चर्चा कर पीएम वापस चले गए।