हमीरपुर। कुंडौरा मौजे में नक्शा दुरुस्ती के एक मामले में मुख्यमंत्री से की गई शिकायत का निस्तारण 47 दिन बाद भी नहीं हो पाया है। जांच रिपोर्ट अभी भी प्रशासन के पाले में है। इस दौरान एक शिकायत आयुक्त से भी की गई। परेशान खेत मालिक ने सीधे तौर पर जिम्मेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जब नक्शा दुरुस्ती की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने आनन फानन में एक पत्र शिकायतकर्ता को और भेजा है।
अमर उजाला ने मंगलवार पांच मई के अंक में कुंडौरा मौजे की नक्शा दुरुस्ती का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर को त्वरित संज्ञान में लेते हुए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रिजवाना शाहिद ने शिकायतकर्ता को एक पत्र जारी किया जिसमें शिकायत के संदर्भ में सात मई को कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान व साक्ष्य प्रस्तुत करें।
उन्होंने पूर्व में भेजे गए तीन पत्रों का जिक्र किया। पहला पत्र 24 मार्च 2026, दूसरा 28 और तीसरा 30 मार्च को भेजा गया। तीनों में ही शिकायतकर्ता उपस्थित नहीं हुआ। अब अंतिम अवसर दिया है। शिकायतकर्ता भरुआ-सुमेरपुर निवासी मनीष गुप्ता को 7 मई 2026 को सुबह 10 बजे कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान और साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी के साथ स्पष्ट किया है कि यदि 7 मई को भी शिकायतकर्ता उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो साक्ष्य के अभाव में जांच आगे बढ़ाना संभव नहीं होगा और शिकायत का निस्तारण कर दिया जाएगा। नक्शा दुरुस्ती में की जा रही कार्रवाई से परेशान खेत स्वामी ने 19 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री से शिकायत की थी।