भरुआसुमेरपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गत वित्तीय वर्ष में बनने वाले आधा दर्जन सामुदायिक शौचालय अधूरे हैं। कलौलीजार ग्राम पंचायत सचिव साधना सिंह ने पूर्व प्रधान चंद्रपाल श्रीवास के साथ मिलकर सामुदायिक शौचालय का निर्माण शुरू कराया था।
वित्तीय वर्ष गुजर जाने के बाद भी निर्माण पूर्ण नहीं हो सका है। करीब 5 लाख की लागत से तैयार होने वाले इस शौचालय के नाम पर लगभग तीन लाख का भुगतान भी पंकज ट्रेडर्स के नाम किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण में घटिया ईट का उपयोग किया गया है। यह कभी भी भरभराकर गिर सकता है। प्रधान अरविंद यादव ने बताया कि यह अधूरा पड़ा है।
कई बार पंचायत सचिव से पूर्ण कराने के लिए कहा गया है। परंतु उन्होंने ध्यान नहीं दिया है। एडीओ पंचायत सत्यप्रकाश गुप्ता ने बताया कि पूर्व प्रधानों की उदासीनता से आधा दर्जन से ज्यादा पंचायतों के सामुदायिक शौचालय अधूरे हैं।
नवनिर्वाचित प्रधानों के सहयोग से पूर्ण कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। बताया कि अतरार, छानी बुजुर्ग, स्वासाखुर्द, कलौलीजार, इंगोहटा आदि पंचायतों के सामुदायिक शौचालय अपूर्ण हैं।