भरुआसुमेरपुर। अधिकारियों की हीलाहवाली से मनरेगा के कार्यों के एस्टीमेट समय से स्वीकृत न होने से ब्लॉक की कई पंचायतों में मनरेगा के कार्य ठप हैं। जिससे ग्राम प्रधान व सचिव परेशान हैं। वहीं चर्चा है कि कमीशन के चक्कर में एस्टीमेट स्वीकृत करने में देरी की जाती है। मौजूदा समय में ब्लॉक की एक दर्जन से ज्यादा ग्राम पंचायतों के मनरेगा कार्यों के प्राक्कलन (एस्टीमेट) तैयार होने के लिए विकासखंड कार्यालय की मनरेगा वेबसाइट में अपलोड हैं। जिसे स्वीकृत नहीं किया जाता है। इससे कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। जिन कार्यों को स्वीकृति दी जानी है।
उनमें चक मार्ग निर्माण, तालाब खुदाई, समतलीकरण, खेत तालाब आदि कार्य शामिल हैं। बीडीओ से स्वीकृति न दिए जाने से मनरेगा से जुड़े तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव निराश हैं। अंदर खाने चर्चा है कि एस्टीमेट स्वीकृत कराने के लिए एडवांस कमीशन की शर्त लागू कर रखी गई हैं। मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी खंड विकास अधिकारी अभिमन्यु सेठ ने कमीशन की बात को सिरे से खारिज करते हुए बताया तकनीकी सहायक, ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव को निर्देशित किया गया है कि जिस कार्य का एस्टीमेट बनाया गया है। उस कार्यस्थल में कभी किसी तरह का कार्य न कराया गया हो इसका प्रमाणपत्र व मौके की फोटो दाखिल करें। तभी एस्टीमेट स्वीकृत किए जाएंगे। (संवाद)