सुरौली गांव में खेतों में चरते अन्ना मवेशी।
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हमीरपुर। प्रदेश सरकार के पांच साल पूरे होने को हैं, मगर अभी तक अन्ना गोवंश से किसानों को निजात नहीं मिल सकी है। एक ओर जहां खरीफ सीजन की तिल, ज्वार, मक्का, मूंगफली, अरहर आदि फसलें खेतों में जमाव लिए हैं। वहीं करीब 35 हजार मवेशी अस्थायी पशु आश्रय स्थलों में संरक्षित नहीं किए गए हैं। जो फसलों को नष्ट करने में लगे हैं। जिससे किसान चिंतित है। हालांकि सरकार 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए छुट्टा जानवरों के संरक्षण से जुड़ी मुश्किलें दूर करने के लिए विशेष अभियान चला रही है।
जिसमें प्रत्येक जनपद में एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जो जिले में रहकर 10 दिनों तक भ्रमण कर सांसदों व विधायकों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी जुटाएंगे। वहीं कम से कम 30 गोशालाओं का भ्रमण कर रिपोर्ट तैयार कर शासन को अवगत कराएंगे। जिले में गोशालाओं में फैली अव्यवस्था को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप है। जिले की 330 ग्राम पंचायतों में बने अस्थायी पशु आश्रय स्थलों में ज्यादातर खाली पड़े हैं। मार्च में फसल कटते ही सभी अन्ना गोवंश आश्रय स्थलों से निकाल दिए गए थे। जिनको अभी तक संरक्षित नहीं किया गया है।
लोगों ने रखी अपनी बात
पत्योरा प्रधान प्रतिनिधि अरविंद निषाद ने बताया गांव में बने अस्थायी पशु आश्रय स्थल में मवेशियों के संरक्षित करने के कोई इंतजाम नहीं है। लाखों रुपये का बजट बंदरबांट हुआ है। करीब 300 मवेशी अन्ना घूम रहे हैं।
देवगांव निवासी भाकियू के जिला सचिव चिंताहण पांडेय ने कहा नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान ने करीब 50 मवेशी आश्रय स्थल में संरक्षित किए हैं। अभी भी करीब आधा सैकड़ा मवेशी बाहर घूम रहे हैं। जिसको बंद करने के प्रयास हैं।
टिकरौली निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजू पाल ने बताया गांव सरकार बदल चुकी है। शपथ ग्रहण हो चुका है। मगर छुट्टा जानवरों को संरक्षित नहीं किया गया है। गांव में करीब एक सैकड़ा मवेशी अन्ना घूम रहे हैं।
सुरौलीबुजुर्ग के क्षेत्र पंचायत सदस्य कृष्णपाल सिंह ने कहा करीब दो सैकड़ा से अधिक अन्ना गौवंश छुट्टा घूम रहे हैं। अभी तक संरक्षित करने के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। फसलों को ये मवेशी रौंदकर नष्ट कर रहे हैं।
सभी गोशालाओं में मवेशियों को संरक्षित करने के आदेश जारी हैं। इस पर काम शुरू है। कहा खरीफ की फसलें भी तैयार हो रही हैं। इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। मवेशियों के मामले में जो भी लापरवाही बरतेगा उस पर कार्रवाई तय है। -केके वैश्य, सीडीओ
पत्योरा गांव में खाली पड़ी गोशाला।- फोटो : HAMIRPUR