राठ। बीमारी से पीड़ित किशोरी की गुरुवार सीएचसी में उपचार के दौरान मौत हो गई। शव ले जाने के लिए मजदूर पिता ने वाहन की मांग की तो चालक ने डीजल न होने की बात कहकर जाने से मना कर दिया। करीब दो घंटे बाद डॉक्टर के हस्तक्षेप पर शव वाहन उपलब्ध हुआ।
क्षेत्र के मझगवां निवासी संतोष कुमार ने बताया वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनकी पुत्री सीता (15) कुछ वर्षों से बीमार थीं। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण ठीक इलाज नहीं करा पाए। गुरुवार सुबह अचानक हालत बिगड़ने पर सीता को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पीड़ित ने बताया उनके पास शव को गांव ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इतने पैसे भी नहीं थे कि प्राइवेट वाहन करते। सीएचसी में उन्हें सरकार द्वारा शव वाहन उपलब्ध कराने की जानकारी हुई।
जिस पर उन्होंने स्टाफ से शव वाहन की मांग की। मगर वाहन चालक ने डीजल न होने की बात कह शव ले जाने से इनकार कर दिया। करीब दो घंटे तक वह बेटी का शव ले जाने के इंतजाम में भटकते रहे। यह देख ड्यूटी पर तैनात डॉ. अजय चौरसिया ने शव वाहन की व्यवस्था कराई। जिसके बाद वह अपनी बेटी के शव को गांव ले गए। इस संबंध में सीएमओ डा. आरके सचान ने कहा वाहन के लिए डीजल उपलब्ध न होने की जांच कराई जाएगी।