हमीरपुर। शहर स्थित यमुना नदी में अब बहते जल में शव नजर नहीं आएंगे। इस पर अंकुश लगाने के लिए शनिवार को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने कुछेछा स्थित राजकीय महाविद्यालय में डेरा डाल लिया है। वहीं शनिवार को भी नदी की जलधारा में दो अधजले शव दिखाई दिए। मगर शव मिलने से प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने इनकार किया है। एसडीआरफ की टीम ने कहा उन्होंने यमुना नदी के किराने गश्त किया है। जहां उन्हें एक भी शव नहीं दिखे।
इस समय बड़ी संख्या में बुखार समेत अन्य बीमारियों से लोगों की मौतें हो रहीं है। वहीं उनके परिजन यमुना नदी में शवों का जल प्रवाह कर देते हैं। शनिवार को भी नदी की जलधारा में दो अधजले शव बहते देखे गए। इधर, प्रदेश सरकार ने शवों के जल प्रवाह पर रोक लगाई है। इसे रोकने के लिए शनिवार को एसडीआरएफ की टीम ने कुछेछा स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में डेरा जमा लिया है। 25 सदस्यीय टीम का नेतृत्व एक इंस्पेक्टर करेंगे। उनके साथ उपनिरीक्षक व हवलदार समेत अन्य कर्मी होंगे। दो छोटी बसों व एक ट्रक में सवार होकर टीम के सदस्य शनिवार को मुख्यालय पहुंचे। टीम लीडर से बात करने पर उन्होंने कुछ भी जानकारी देने से मना कर दिया। कहा इसकी जानकारी जिला प्रशासन देगा।
टीम अपने साथ आपदा प्रबंधन में कार्य आने वाले मोटर वोट, जाल, कांटा व अन्य सामान लाई है। उधर शनिवार दोपहर यमुना नदी की रेत में दो अधजले शव उतराने की सूचना पर जब टीम से जानकारी ली गई तो टीम ने बताया वह भी गश्त करते आए हैं। कहीं भी शव नहीं मिले हैं। एएसपी अनूप कुमार ने कहा शनिवार को टीम आई है। टीम नदियों पर नजर रखने के साथ लोगों शव न प्रवाह करने के लिए प्रेरित करेगी। अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा यह आपदा टीम है। बारिश आने वाली है। जिससे निपटने में भी टीम सहायक साबित होगी।