हमीरपुर। कोरोना-19 में लगे लॉकडाउन में तीन माह तक परिषदीय विद्यालय के नौनिहालों को मिड-डे मील नहीं मिला। इस पर शासन ने 25 मार्च से 30 जून तक 76 दिनों की धनराशि उनके खातों में भेजने के निर्देश जारी किए हैं। प्रधानाध्यापक व अध्यापक छात्र-छात्राओं की सूची के आधार पर उनके परिजनों के अभिलेख जमा करने में जुटे हैं।
बीएसए सतीश कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी को लेकर 25 मार्च से लॉकडाउन लगने के कारण विद्यालय बंद हो गए थे। कहा कि अवकाश के दिन छोड़कर 76 दिन की धनराशि नौनिहालों के खातों में भेजे जाएंगे।
प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को प्रतिदिन 4 रुपये 97 पैसे व राशन की दुकान से 100 ग्राम गेहूं या चावल दिए जाएंगे। कहा कि जूनियर विद्यालय के बच्चों को प्रति दिन के हिसाब से प्रति बच्चा सात रुपये 45 पैसे व 150 ग्राम चावल व गेहूं दिए जाएंगे। कहा कि इस धनराशि से मिड डे मील के स्थान पर बच्चे पौष्टिक आहार ले सकते हैं। इसके लिए प्रधानाध्यापक व अध्यापक छात्रों के परिजनों के बैंक पास बुक, आधार कार्ड व बैंक का आईएफसी कोड की सूची तैयार करने में जुट गए हैं।
बीएसए सतीश कुमार ने बताया कि 30 हजार पुस्तकों की खेप शिक्षा विभाग में आ चुकी है। पुस्तकों का सत्यापन एसडीएम व डीएचओ की निगरानी में हो चुका है। कहा कि पुस्तकों की खेप चार ब्लाकों में भेजी गई है। बताया कि जनपद में 1173 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 112 विद्यलय जर्जर हालत में हैं। इनकी छत व दीवारें चटकी होने से नौनिहालों को खतरा रहता है। बीएसए ने बताया कि इनके जीर्णोद्धार के लिए पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जा चुकी है। इसमें आरईएस विभाग को 15 दिन में रिपोर्ट देने को गया है।