हमीरपुर। कभी गर्मी और कभी सर्दी से बच्चे व वृद्ध बीमार हो रहे हैं। रविवार को इमरजेंसी में निमोनिया पीड़ित तीन बच्चों को भर्ती किया गया। जबकि दो बच्चों का पहले से इलाज चल रहा है। चिकित्सक ऐसे में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
रविवार को इमरजेंसी में 37 मरीज आए, इनमें 10 मरीज पेट दर्द, उल्टी व सांस रोग से संबंधित रहे। जबकि 10 मरीजों को भर्ती किया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष निरंजन बताते हैं कि पांच वर्ष तक के बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है। जैसे-जैसे प्रदूषण का ग्राफ बढ़ता है। वैसे बच्चों के फेफड़ों में संक्रमण के मामले भी बढ़ते हैं।
फेफड़ों में संक्रमण, पसलियां चलना, सांस की नली का सिकुड़ना, अस्थमा व निमोनिया के करीब 30 फीसदी मामले आ रहे हैं। इमरजेंसी में निमोनिया पीड़ित तीन बच्चों को भर्ती किया गया है। जबकि दो का इलाज चल रहा है। बताया कि निमोनिया में लापरवाही जानलेवा भी साबित हो सकती है। ऐसे में बच्चों व वृद्धजनों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।