सरीला में बजरंग दल कार्यकर्ता सीएचसी के बाहर लगाए जाम।
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जरिया थानाक्षेत्र के जमखुरी गांव निवासी एक सात वर्षीय बच्ची ने इलाज के अभाव में सीएचसी में दम तोड़ दिया। परिजनों ने डाक्टरों पर इलाज करने की बजाय सीएचसी से भगा देने का आरोप लगाया। घटना से गुस्साए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सीएचसी में जमकर हंगामा किया और अस्पताल के बाहर जाम लगा दिया। मौके की नजाकत भांप सीएचसी के कर्मचारी अस्पताल छोड़कर भाग गए। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। सीएमओ का कहना है कि बच्ची की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी है। उधर, विधायक मनीषा अनुरागी ने डीएम व सीएमओ से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा है।
जमखुरी गांव का दिलीप पासवान अपनी नेत्रहीन पत्नी गुड्डी व बेटी मुस्कान (7) के साथ कानपुर देहात के सिकंदरा कस्बे में ईट भट्ठे में काम करता है। करीब 20 दिन पहले उसकी बेटी को ईट भट्ठे में कुत्ते ने काट लिया था। दिलीप पासवान ने बताया कि बेटी का इलाज उसने वहीं कराया। 10 दिन पहले वह परिवार सहित अपने गांव जमखुरी आ गया। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बेटी की अचानक हालत बिगड़ गई तो वह उस ेलेकर सीएचसी पहुंचा। यहां डाक्टरों ने इलाज करना तो दूर उसे बाहर ले जाने की बात कहकर अस्पताल से भगा दिया।
दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। इस पर वह पत्नी व बेटी को सीएचसी में छोड़कर पैसे का प्रबंध करने गांव चला गया। इसी बीच उसकी बेटी ने सीएचसी में तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही बजरंग दल के पदाधिकारी सीएचसी पहुंचे और हंगामा करने लगे। सीएचसी के बाहर जाम भी लगा दिया। घटना के बाद सारे कर्मचारी भाग गए। सूचना पर पहुंचे सीओ ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। जाम बमुश्किल 15 मिनट ही लगा।
उधर, राठ विधायक मनीषा अनुरागी ने इस मामले में जिलाधिकारी व चिकित्साधिकारी से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा है। विधायक ने बताया कि पीड़ित की हर संभव मदद की जाएगी। शनिवार को वह खुद पीड़ित परिजनों से मिलेंगी। इस मामले में सीएमओ डा. सीपी कश्यप का कहना है कि बच्ची की मौत पर उन्होंने जानकारी ली है। सीएचसी लाई गई बालिका की पहले ही मौत हो चुकी थी। चौकी प्रभारी आरडी यादव ने बताया कि इलाज के अभाव में बच्ची की मौत हुई है। सीएचसी में डा. अजय चौरसिया और डा. डीसी उत्तम मौजूद थे।