फेंकी पौध देखते सीडीओ एबी सिंह।
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सीएम अखिलेश यादव के ग्रीन यूपी क्लीन यूपी प्रोजेक्ट को वन विभाग ने पलीता लगाने में कसर नहीं छोड़ी। वनक्षेत्र मंझूपुर डांडा में कई स्थानों पर लाखों की संख्या में रोपित की जाने वाली पौध नाले में फेंकने के मामले में सीडीओ ने वन क्षेत्र पहुंच निरीक्षण किया। उन्होंने फेंके गए पौधे व बोरों में भरे बीज देखे। सीडीओ ने कहा कि वह रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपेंगे।
जिले में शासन के निर्देश पर 11 जुलाई को एक दिन में 12 लाख 75 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था। मगर वन विभाग ने इस काम में लापरवाही बरती। नगर सीमा से लगे मंझूपुर डंाडा जंगल में रोपे जाने वाली पौध झाड़ियों व नाले में कई स्थानों पर फेंक दी गई। मंझूपुर डांडा में दो वनक्षेत्रों में करीब 35 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य था।
लेकिन जंगल में बमुश्किल पांच हजार पौधे ही लगाए गए। इस बार जिले में झमाझम बरसात होने से रोपित पौध लहलहा रही है। मजदूर खुशीराम, ज्ञानसिंह, श्यामबाबू, रामकेश निषाद का कहना है कि उनके घरों में वनक्षेत्र में बोने वाले बबूल, शीशम, कंजी सहित कई अन्य पौधों के बीज रखे हैं, जिनकी बुआई नहीं की है।
इस गड़बड़झाले को अमर उजाला ने शनिवार यानी 6 अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर मुख्यविकास अधिकारी अवधेश बहादुर सिंह ने मंझूपुर वन जंगल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर पौध डंप है। कहा कि मजदूरों के घरों में बीज मिला है। उन्होंने कहा कि सीएम के प्रोजेक्ट पर वन विभाग ने लापरवाही बरती है। यह रिपोर्ट वह जिलाधिकारी को सौंपेगे।