घायल जगदीश बाबा को देखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
कोतवाली के पथनौड़ी गांव में शनिवार को तड़के कच्चा घर गिरने से मां-बेटे दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर मलबा हटाकर दोनाें को बाहर निकाला और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। तहसीलदार ने मौके पर पहुंच कर मुआयना किया।
पथनौड़ी गांव निवासी धनीराम विश्वकर्मा के तीन पुत्र जगदीश बाबा, सीताराम और राजकिशोर हैं। जगदीश बाबा अपनी 70 वर्षीया मां सियारानी के साथ एक घर में रहता है। सीताराम और राजकिशोर अलग-अलग रहते हैं। शनिवार को जगदीश बाबा अपनी मां के साथ घर में लेटा था। तड़के करीब चार बजे अचानक कच्चा घर भरभरा कर गिर गया।
इससे दोनों मिट्टी में दब गए। ग्रामीणों ने आवाज सुनी तो दौड़ पड़े। आननफानन मां बेटे को बाहर निकाला गया। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। सियारानी के बेटे राजकिशोर ने बताया कि घर गिरने से उसमें रखा हजारों का सामान और गृहस्थी पूरी तरह से स्वाहा हो गई। तहसीलदार परशुराम ने मौके पर पहुंच कर मुआयना किया। तहसीलदार ने बताया कि लेखपाल से मुआयना कराया गया है। बताया कि दैवीय आपदा के तहत पीड़ित को मदद की जाएगी।