बिवांर में कैंडिल मार्च निकालते ग्रामीण।
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बिवांर कस्बे में एक साल पहले आज ही हुए कांड में जान गंवाने वाले स्वीकृति व रोहित पांडेय को श्रद्धांजलि दी गई। कई जगह शोक सभाएं आयोजित कर हवन पूजन किया गया और फिर कैंडल मार्च निकाला गया।
वर्ष 2015 की 25 जुलाई को कस्बा बिवांर में कुछ ऐसा घटा, जिसकी कल्पना भर से ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सुबह लगभग साढ़े छह बजे कस्बे के बांधुर रोड नई बस्ती में इंटरमीडिएट की छात्रा कोचिंग के लिए अपने घर से निकली लेकिन रास्ते में ही दो मनचलों ने छेड़छाड़ कर मारपीट कर दी।
जिससे क्षुब्ध होकर किशोरी ने पहले अपने घर जाकर आपबीती सुनाई और फिर आत्मग्लानि में मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह कर लिया। इससे जनाक्रोश भड़क उठा। जब मृतका का शव पोस्टमार्टम के बाद जब घर पहुंचा तो भीड़ ने शव थाना तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया।
जाम हटाने में बल प्रयोग किया गया जिसमें पुलिस की गोलीबारी में रोहित पांडेय को जान गंवानी पड़ी। बीते वर्ष हुए इस कांड को लेकर सोमवार कस्बे में कई स्थानों पर कार्यक्रम हुए। छात्रा स्वीकृति के पिता के घर में हवन पूजन कराया गया। हीरानंद महाविद्यालय में श्रद्धांजलि सभा हुई।
मृत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रख ईश्वर से कामना की गई। जिसमें जिला पंचायत सदस्य मुकेश सिंह भदौरिया, शंकर सिंह भदौरिया, लोकेंद्र सिंह, नरेंद्र देवपुरिया, अजीत भदौरिया, सुरेश, संजय, बउवन व हीरानंद महाविद्यालय की छात्राएं शामिल रहीं।