लोड फैक्टर का असर शुक्रवार को मुख्यालय में डिपो पर दिखाई दिया। जुर्माने के भय से अधिकांश रोडवेज बसों के चालक व परिचालकों ने बसों को घंटाें डिपो से बाहर नहीं निकाला। इसके चलते भीषण ठंड में लोग ठिठुरते रहे।
शीतलहर का प्रकोप जारी है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री रहा। इस ठंड में रोडवेज बसों के चालकों और परिचालकों के भय के कारण यात्रियों को कांपना पड़ा।
गौरतलब है कि लोड फैक्टर कम होने के चलते बीते दिनों हमीरपुर और राठ डिपो के एआरएम को निलंबित किया गया था। आरएम बांदा ने अस्थाई व्यवस्था करते हुए टीएस जयकरन को हमीरपुर और राठ डिपो का कार्यभार सौंपा है। शुक्रवार को टीएस जयकरन मुख्यालय के डिपो पर आए।
इसी बीच कम लोड के कारण जुर्माने के डर से चालक और परिचालक बसों को घंटों डिपो में ही खड़ा रखा। उनसे कहा गया कि डिपो से ही 50 फीसदी यात्रियों के टिकट बनाए जाएं। सवारियां पूरी होने तक यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। भीषण ठंड के कारण यात्री परेशान हो गए।
इस संदर्भ में टीएस जयकरन ने बताया कि वह कार्यभार संभालने आए थे। एक दो दिन में सभी व्यवस्थाएं सुचारु हो जाएंगी। वहीं प्राइवेट वाहन में नीली बत्ती लगी होने पर वह चुप्पी साध गए।