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ब्रिकगार्ड निर्माण में जमकर हुई धांधली

Fri, 18 Dec 2015 11:35 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, हमीरपुर।
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राष्ट्रीय राजमार्ग-86 में दोनों साइडों पर बनाए गए ब्रिकगार्ड में जमकर धांधली हुई है। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मिली जानकारी में सामने आया है कि करीब 42 हजार ईंटें कम लगाकर करीब दो लाख का गोलमाल किया गया है। साथ ही विभाग ने कैंपा योजना से भी पौधारोपण दर्शाकर विभागीय बजट में खेल किया।  
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राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान बीते वर्ष बड़ी संख्या में पेड़  काटे गए। इन पेड़ाें के स्थान पर नए सिरे से वृक्षारोपण करने के लिए हाईवे अथारिटी ने वन विभाग को बजट दिया। जिसके तहत वन विभाग ने कुछेछा से लेकर मौदहा क्षेत्र तक पौधारोपण कराया। जिसमें वर्ष 2014-15 में पौधों की सुरक्षा के लिए 1166 ब्रिकगार्ड बनवाए गए।

जबकि वर्ष 2015-16 में 914 ब्रिकगार्ड बनाकर पौधे रोपित किए गए। इसके लिए 65.52 लाख रुपये वन विभाग ने खर्च होना दर्शाया है। सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत वन विभाग से सूचनाएं मांगी। इस पर वन विभाग ने बीते माह सूचना दी। इस सूचना में एक ब्रिकगार्ड की लागत 2950 रुपये दर्शाई गई है।
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साथ ही इसमें 250 ईंटें लगाया जाना बताया गया है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। हाईवे के दोनों ओर ब्रिकगार्ड बनाए गए हैं। इन गार्डों में लगी ईंटों की गिनती में पाया गया कि इनकी संख्या 220 से 230 के बीच है। इस तरह एक ब्रिकगार्ड में 20 से 30 ईटों का गोलमाल हुआ है।

कुल बनाए गए 2 हजार 80 ब्रिकगार्डों में 41 हजार 600 ईंटें कम लगाई गई हैं। अगर एक ईट की कीमत पांच रुपये मानी जाए तो वन विभाग के अधिकारियों ने करीब 2.08 लाख रुपये का गोलमाल किया। इतना ही नहीं वन विभाग ने हाईवे अथारिटी से मिले बजट से हटकर वर्षाकाल में कराए गए वृक्षारोपण में कैंपा योजना का बजट भी ठिकाने लगा दिया।

आरटीआई में दी गई जानकारी में विभाग ने बजट खर्च का ब्योरा दबा लिया है, जबकि सुमेरपुर ब्लाक क्षेत्र में 918 व मौदहा में 296 पौध रोपित करना दर्शाया है। इस तरह दो योजनाओं का बजट एक कार्य में खर्च किया गया है। इस मामले में सुमेरपुर वन क्षेत्राधिकारी एके चौधरी का कहना है कि वृक्षारोपण व ब्रिकगार्ड नियमानुसार बनाए गए हैं। विभाग का कर्मचारी बीमार चल रहा है। इसके चलते सही जानकारी उनके पास नहीं है।
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