हमीरपुर। भाकियू ने गुरुवार को हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। इस दौरान भाकियू ने मंडी में बंद अन्ना मवेशियों को छोड़ने पर आक्रोश जताया। जाम से हमीरपुर-महोबा व हमीरपुर-राठ मार्ग आधे घंटे तक ठप रहा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम खुल सका।
भाकियू जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह राजपूत ने बताया कि अन्ना मवेशियों को प्रशासन ने जिले के 21 स्थानों में बंद तो करवा दिया मगर मवेशियों के खाने पीने की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। इससे मवेशी मर रहे हैं। साथ ही सर्दी के कारण मवेशी बीमार हो रहे हैं।
इसी के विरोध में भाकियू ने राठ मोड़ के पास तिराहे पर जाम लगाकर महोबा व राठ मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। जाम से दोनों मार्गों में सैकड़ाें वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम खुलवाने पहुंचे कुछेछा चौकी प्रभारी अनिल सिंह की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष विशेखा राजपूत से नोकझोंक भी हुई। मौके पर पहुंचे एसडीएम आरएस वर्मा, तहसीलदार व पशु चिकित्साधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया कि दो दिन के भीतर सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। किसानों को पर्याप्त चारा व पानी का इंतजाम की बात पर किसानों ने जाम खोला।
इस मौके पर विशेखा राजपूत, रीता, कल्लूपाल, टीकाराम, रामलखन, डब्लू सिंह, प्रभूदयाल, राजू दीक्षित, श्यामलाल, बच्चा कु शवाहा आदि मौजूद रहे। इसके बाद भी सैकड़ों मवेशियों को यमुना पुल के उस पार छोड़ने की जिद किसान कर रहे हैं। इस मामले में अपर जिलाधिकारी डा. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि 15 स्थानों पर मवेशियों के रखने की व्यवस्था कराई जा रही है। लघु सीमांत किसानों को मुफ्त में भूसा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज्यादातर मवेशी पालतू हैं।