हमीरपुर। बुंदेलखंड के किसान पहले से ही सूखे के हालात से जूझ रहे हैं। रही सही उनकी फसल अन्ना (छुट्टा) जानवर चटकर जा रहे हैं। बुधवार को पौथिया नवीन मंडी से छोड़े गए करीब 2700 मवेशी फसलों को चट कर गए। उनको एक गांव से दूसरे गांव में हांकने पर किसानों के बीच टकराव की नौबत आ गई। गुरुवार को किसान हमीरपुर-राठ मार्ग पर मवेशियों के साथ सड़क पर आ गए।
जाम की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने किसानों से बातचीत किए बिना उन पर लाठी बरसाना शुरू कर दिया। पुलिस ने तीन किसानों को हिरासत में ले लिया। इस घटना से किसानों में आक्रोश है।
बुधवार को पौथिया मंडी में बंद मवेशियों को अचानक छोड़ दिया गया। 2700 मवेशियों ने किसानों की फसलों पर धावा बोल दिया।
इस मामले में गुरुवार को ललपुरा और स्वासा गांव के किसानों में टकराव की नौबत आ गई। हमीरपुर-राठ मार्ग पर किसानों ने मवेशियों के साथ जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे लगे जाम के बीच पहुंची थाना पुलिस ने किसानों पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। पुलिस की लाठी से धनपुरा निवासी सुखदेव को चोंटें आई हैं। वहीं पुलिस थाने में ललपुरा निवासी नृपत, जगमोहन प्रजापति व सुखदेव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मवेशियों के मामले में पुलिस की संवेदनहीनता पर किसानों में आक्रोश है।
ललपुरा के किसान रामजीवन ने बताया कि उसके खेत मेें खड़े दो बीघे का गेहूं अन्ना मवेशी चट कर गए हैं। यह मवेशी छानी की तरफ के थे। इसलिए वह लोग उसी गांव की ओर लेकर जा रहे थे। तभी स्वासा गांव के ग्रामीणों ने उनका रास्ता रोक लिया। इस बीच सड़क पर खड़े अन्ना मवेशियों से जाम लग गया। इस बीच वहां पहुंचे थाने के एसआई अवनेंद्र यादव ने किसानों पर लाठियां बरसाते हुए गालियां देनी शुरू कर दी। इस मामले में थानाध्यक्ष अली मोहम्मद का कहना है कि दो गांवों के ग्रामीणों का विवाद टालने के लिए उन्हें हटाया गया है। उन्होंने किसानों को हिरासत में रखने से साफ इंकार किया है।