फोटो14एचएएमपी 33- जितेंद्र कुमार पाल भुलसी की फेसबुक पोस्ट का स्क्रीन शॉट। स्रोतः सोशल मीडिया
मौदहा (हमीरपुर)। भाजपा के संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर जिले में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। मौदहा मंडल पूर्वी के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल भुलसी का नाम प्रशिक्षण शिविर की सूची में शामिल न होने पर विवाद गहरा गया। इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर आमने-सामने आ गए। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए पोस्ट वायरल की।
मंडल अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल भुलसी ने फेसबुक पर एक पोस्ट करके अपनी उपेक्षा का सीधा आरोप लगाया। नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्तमान में मंडल अध्यक्ष होने के बावजूद उनका नाम प्रशिक्षण सूची में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वह करीब 18 वर्षों से संगठन की सेवा कर रहे हैं, लेकिन इस तरह का व्यवहार पहले किसी जिलाध्यक्ष के द्वारा नहीं किया गया। विभिन्न पदों पर रहा हूं। उन्होंने जिले में संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तानाशाही जैसे हालात होने की बात भी कही।
भाजपा नेता संजय तिवारी ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए मंडल अध्यक्ष का सपोर्ट किया। उन्होंने मंडल अध्यक्ष और उनकी टीम को प्रशिक्षण में शामिल करने की मांग की।
जिलाध्यक्ष के समर्थन में सियाराम विश्वकर्मा ने फेसबुक पोस्ट कर दी। पलटवार करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति महिला जिलाध्यक्ष के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग कर बाद में जाति के नाम पर विवाद खड़ा करे तो यह समाज के लिए अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि समाज का नाम लेकर व्यक्तिगत विवाद को हवा देना ठीक नहीं है और पहले अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए। धर्मेंद्र सिंह ने भी अपने फेसबुक पेज पर मंडल अध्यक्ष के समर्थन में पोस्ट लिखी। कहा कि पाल समाज को उनकी ईमानदारी और कार्यशैली पर गर्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग गलतफहमी फैलाकर संगठन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे लोगों की जांच होनी चाहिए।
जिला नेतृत्व की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।