निजीकरण के विरोध और पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू किए जाने को लेकर शुक्रवार को इलाहाबाद बैंक स्टाफ ने मंडलीय कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के सहायक महामंत्री पीएल कुशवाहा व फेडरेशन के पीके यादव की संयुक्त अगुवाई में धरने का आयोजन किया गया।
वहीं सीएचक्यू व प्रांतीय आह्वान पर मौजूदा सरकार की कथित वादाखिलाफी, श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में भारतीय डाक कर्मचारी संघ के कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर में बैठक कर हड़ताल पर रहे। इलाहाबाद बैंक के एलडीएम एसके साहू ने बताया कि हड़ताल से लगभग 18 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन यूपी के सहायक महामंत्री पीएल कुशवाहा ने बताया कि बैंकाें का निजीकरण किए जाने के विरोध, पुरानी पेंशन को लागू करना व सार्वजनिक वित्त प्रणाली को कमजोर करने के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान अनुपम बाजपेई, दिशा वर्मा, सुखिया, योगेश पवार, विपिन यादव, योगेंद्र सिंह, सुशील कुमार, सुमित शुक्ला, महेंद्र उपाध्याय, विनोद कुमार, वीके सोनकर, प्रिंस श्रीवास्तव, कमलेश कुशवाहा, गोल्डन गुप्ता, छेदीलाल, महेंद्र यादव आदि मौजूद रहे। उधर, अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के मंडलीय सचिव वीके त्रिपाठी ने बताया कि मौजूदा सरकार की वादाखिलाफी, श्रमिक विरोधी नीतियों, कर्मचारी हितों पर हमला करने के विरुद्ध शुक्रवार को मुख्यालय स्थित प्रधान डाकघर परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। कर्मचारी नेता ने कहा कि 11 सूत्री मांगों को लेकर यह हड़ताल की गई है। बताया कि हड़ताल से लगभग पचास लाख का लेनदेन प्रभावित हुआ है। धरने का आयोजन आरके पाल की अध्यक्षता में किया गया। इस मौके पर संदीप कुमार अवस्थी, अजय सिंह, डीके अग्रवाल, अविलाश अवस्थी, विनोद कुमार, कंधीलाल, रामऔतार, शिवपाल, जमुनाप्रसाद, बीएन पाल, बीएल कुशवाहा आदि कर्मचारी मौजूद रहे।