राठ। खराब सड़क व जिम्मेदारों की उदासीनता ने तीन मां से उनके लाल छीन लिए। पनवाड़ी मार्ग पर सदर गांव निवासी तीन युवकों की डीसीएम की टक्कर से मौत हो गई थी। फोरलेन मार्ग पर एक साइड का रोड खराब होने से हादसे होते हैं।
पनवाड़ी मार्ग पर शुक्रवार को बसेला गांव से पहले डीसीएम की टक्कर से सदर गांव निवासी बृजभान (20), श्रीकिशन श्रीवास (22) व राकेश कुमार श्रीवास (20) की मौत हो गई थी। तीनों कस्बे से मजदूरी कर एक ही बाइक पर सवार होकर गांव जा रहे थे। पनवाड़ी की ओर से आ रहा डीसीएम एक तरफ का रोड खराब होने से गलत साइड से आ रहा था। पनवाड़ी मार्ग फोरलेन बनाया गया पर एक तरफ से मार्ग में समतलीकरण पर ध्यान नहीं दिया गया। राठ से पनवाड़ी तक करीब 18 किलोमीटर एक तरफ के रोड पर जंपिंग है। जंपिंग से बचने के लिए गलत साइड से आने पर भी दुर्घटनाएं हो रहीं हैं। सड़क पर चार बड़े गड्ढे हो गए थे इन्हें बारिश के पहले मीडिया कर्मियों ने भरवाया था। 21 मई को गिरवर गांव के प्रधान ज्ञानस्वरूप राजपूत ने ग्रामीणों के साथ गलत साइड से आ रहे वाहनों को वापस लौटते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। जिसके बाद भी संबंधित विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार को भी गलत साइड से आ रहे डीसीएम से हादसा हुआ।
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11 माह में आठ मौतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन
20 जनवरी को पहाड़ी गांव निवासी रामसेवक राजपूत की गलत दिशा से आ रही बाइक की टक्कर से मौत हो गई थी। 6 फरवरी को नगर के मुगलपुरा मोहल्ला निवासी मौला बख्श की चार पहिया वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी। 18 मई को कानपुर जिले के जहांगीराबाद निवासी ट्रक चालक मुराद हुसैन की गलत साइड से आ रहे डीसीएम की टक्कर से मौत हो गई थी। 14 जुलाई को नगर के बाइक सवार मुन्नू को गलत दिशा से आ रही डीसीएम ने टक्कर मार दी थी जिसमें उनकी मौत हो गई थी। 13 अक्तूबर को मुस्करा खुर्द निवासी शीला पाठक की दुर्घटना में मौत हो गई थी। वहीं शुक्रवार को गलत दिशा से आ रही डीसीएम की टक्कर से सदर गांव निवासी बृजभान, श्रीकिशन श्रीवास व राकेश कुमार श्रीवास की मौत हो गई है। कई मौतों के बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही।
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जाम में भूखे प्यासे तीन घंटे फंसे रहे स्कूली बच्चे
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर झांकर रख जाम लगा दिया। तीनों शव सड़क पर पड़े रहे और पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। करीब तीन घंटे तक लगे जाम से दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। यात्री पांच किलोमीटर तक पैदल चलकर कस्बा पहुंचे। जाम में बसें फंसने से यात्री परेशान हो गए। पनवाड़ी की ओर से आने वाले स्कूली वाहन भी जाम में फंसे रहे। भूखे प्यासे स्कूली बच्चे जाम खुलने का इंतजार करते देखे गए। एसडीएम अभिमन्यु कुमार व सीओ राजीव प्रताप सिंह ने किसी तरह ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। दोपहर दो बजे से लगा जाम शाम पांच बजे खुला। जिसके बाद पुलिस ने यातायात बहाल कराया।
फोटो 07 एचएएमपी 30- राठ पनवाड़ी मार्ग पर झांकर रखकर जाम लगाए ग्रामीण। संवाद- फोटो : chineni news
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