मौदहा (हमीरपुर)। धर्मांतरण के मामले को लेकर जिले का मौदहा कस्बा एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां महिला की बीमारी ठीक कराने के नाम पर एक दूसरे समुदाय के घर में मजार बनवाकर रिश्तेदारों समेत जानमाल की धमकी दे धर्मांतरण करने का दबाव बनाया गया।
हिंदू संगठन के सामने आने पर पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चार को हिरासत में लिया गया है। मौदहा कस्बे के मोहल्ला पूर्वी तरौस बाकी तलैया निवासी उर्मिला वर्मा ने काेतवाली में तहरीर दी है।
उन्होंने बताया कि वह करीब दो वर्ष से बीमार चल रही थीं। इसी बीच उनकी मुलाकात बांदा जनपद की मर्दन नाका कोतवाली के अंतर्गत मोहल्ला छिपटहरी निवासी से हुई। उसका हाल मुकाम मोहल्ला कसौड़ा मथुरा मंदिर कस्बा मौदहा के कथित मौलाना नूूरुद्दीन से हुई।
उन्होंने उससे कहा कि तुम मजार पर आओ सब ठीक हो जाएगा। आरोप है कि कुछ दिन बाद नूरुद्दीन अपने भतीजे मेराजू हसन व खालिक निवासी कस्बा के मोहल्ला रागौल को लेकर घर आया। उसने घर के एक कमरे के कोने में मजार बनवाकर पूजा व उर्स करने की सलाह दी। साथ ही रिश्तेदारों के साथ धर्मांतरण की बात कही।
10 जनवरी की रात करीब ढाई बजे नूरुद्दीन, खालिक व कस्बा के हुसैनियां निवासी इरफान के अलावा बांकी तलैया निवासी मोहम्मद हनीफ उसके घर आए। इसके बाद उर्स का कार्यक्रम कराया और फातिहा पढ़ाया। वहीं इनके कहने पर आए कुछ रिश्तेदार भी कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां इन्होंने सभी को प्रलोभन दे सामूहिक धर्मांतरण का दबाव बनाया।
प्रलोभन पाकर पहले दबी जुबान इसके लिए हामी भरी, लेकिन समझ आने पर ऐसा ना करने का निर्णय लिया। जिस पर उन लोगों ने उन्हें जानमाल की धमकी दी। मामले की सूचना हिंदू संगठनों के नेताओं को मिलने पर सभी ने पुलिस के साथ मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की।
एएसपी मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि उर्मिला की तहरीर पर धर्म परिवर्तन की पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें जनपद बांदा निवासी नूरुद्दीन, मेराजु हसन, रागौल निवासी खालिद, हुसैनिया मोहल्ला निवासी इरफान व पूर्वी तरौस निवासी हनीफ शामिल हैं। चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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