मौदहा के बक्छा गांव में बैलगाड़ी लेकर पानी लेने के न नदी जाता युवक।
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तहसील क्षेत्र का बीहड़ी इलाका पीने के पानी को तरस रहा है। बक्छा के ग्रामीण आजादी के बाद से केन नदी का पानी पी रहे हैं। हालांकि गांव को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए 25 साल पहले पेयजल योजना बनाई गई। लेकिन, जलनिगम को गांव में भूगर्भ जल ढूंढे नहीं मिल रहा है। निकट के गांव भैसमरी में
जलनिगम ने योजना तैयार की। पाइप लाइन गांव में बिछाई गई लेकिन एक बूंद भी पानी नहीं पहुंच सका। गर्मी का मौसम आने वाला है। गांव के अंदर लगे हैंडपंप और कुएं खारे पानी के हैं। स्थिति यह है कि भैसमरी में तैयार योजना सफेद हाथी साबित हुई है। इनमें बने कर्मचारियों के भवन ध्वस्त हो चुके हैं। पूर्व
जिलाधिकारी जी श्रीनिवास गुर्राला वर्ष 2012 में जलनिगम की टीम लेकर गांव पहुंचे थे। हालांकि गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को फिल्टर बांटे। लेकिन वह भी पानी नहीं दिला सके। नई पेयजल योजना के लिए बजट हुआ, लेकिन इसका क्या हुआ ग्रामीण सोचकर परेशान हैं। ग्रामीण चुनाव में प्रत्याशियों से पानी मांग चुके हैं। इस सबके बावजूद हालत जस की तस है।