मौदहा तहसील मार्ग में जाम लगाकर नारेबाजी करते अधिवक्ता।
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मौदहा (हमीरपुर)। साइबर ठगी के शिकार दो अधिवक्ताओं की रिपोर्ट पुलिस ने कई दिन तक दर्ज नहीं की, ज्ञापन देने पर सीओ ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इससे नाराज अधिवक्ता सोमवार को तहसील के सामने सड़क पर धरने पर बैठक गए, जिससे लंबा जाम लग गया। करीब एक घंटे बाद पहुंचे कोतवाल ने रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन देकर अधिवक्ताओं को शांत कराया।
तहसील के अधिवक्ता रघुवीर वर्मा का भारतीय स्टेट बैंक में खाता है। उनके खाते से साइबर ठगों ने चार बार में चालीस हजार रुपये निकाल लिए थे। अधिवक्ता ने 10 फरवरी को कोतवाली में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 16 फरवरी को दूसरे अधिवक्ता रामेंद्र त्रिपाठी ने ऐसी ही तहरीर दी। उनके आर्यावर्त बैंक खाते से पचास हजार रुपये कई बार में निकाले गए थे। पुलिस ने रामेंद्र की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की।
अधिवक्ता ने सोमवार को बैठक की फिर सीओ रवि प्रकाश सिंह को ज्ञापन देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन अधिवक्ता संतुष्ट नहीं हुए। तहसील के सामने मुख्य सड़क बैठकर अधिवक्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। सड़क पर धरना होने से जाम लग गया। करीब एक घंटे बाद कोतवाल पवन कुमार पटेल वहां पहुंचे। उन्होंने एक घंटे में रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन देकर अधिवक्ताओं को मनाया।
अधिवक्ताओं के सड़क से हटने के बाद यातायात बहाल हुआ। धरने में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश चंद्र नामदेव, बाबूराम मिश्रा, अब्दुल हमीद, बृजकिशोर, रामगोपाल पाल, छोटेलाल, हयात अहमद खान, वसी अहमद, आलोक निगम, उपाध्यक्ष राहुल द्विवेदी, सौरभ मिश्रा, वरदानी लाल आदि मौजूद रहे।