मौदहा (हमीरपुर)। अधिवक्ताओं की ओर से पेशकार पर लगाए जा रहे अभद्र व्यवहार के आरोपों की जांच के बजाए एसडीएम द्वारा उसका पक्ष लेने से मामला तूल पकड़ गया। अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया।
जानकारी के अनुसार मौदहा तहसील प्रांगण स्थित उपजिलाधिकारी कार्यालय में एक मामले के सिलसिले में पहुंचे वरिष्ठ अधिवक्ता बरदानी प्रसाद का आरोप है कि पेशकार पीयूष सक्सेना द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। इससे आहत अधिवक्ता ने उपजिलाधिकारी करनवीर सिंह से मिलकर मामले की शिकायत करते हुए पेशकार को हिदायत देने की मांग की। आरोप है कि इस पर उपजिलाधिकारी करनवीर सिंह ने पेशकार का पक्ष लेते हुए अधिवक्ता से ही नाराजगी जताई और बातचीत के दौरान अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। घटना की जानकारी मिलते ही तहसील परिसर में मौजूद बार एसोसिएशन मौदहा के पदाधिकारी और अन्य अधिवक्ता उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और विरोध दर्ज कराते हुए बातचीत का प्रयास किया, लेकिन एसडीएम के कड़े तेवरों के चलते अधिवक्ताओं को वापस लौटना पड़ा।
घटना से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष शिवलाल पाल की अध्यक्षता में आपात बैठक बुलाई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक उपजिलाधिकारी और उनके पेशकार का स्थानांतरण नहीं होता, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। बैठक में महामंत्री विवेक कुमार, पूर्व अध्यक्ष ब्रजकिशोर त्रिवेदी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। इस संदर्भ में एसडीएम का पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनके मोबाइल पर बात नहीं हो सकी।