हमीरपुर। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने लू से बचाव और राहत कार्यों के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य आपदा मोचक निधि (एसडीआरएफ) से कुल 14 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है जिससे सार्वजनिक स्थलों पर छाया, ठंडे पेयजल और अन्य राहत की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बुधवार को जिले में अधिकतम तापमान 45.2 और न्यूनतम 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देश पर सभी तहसीलों और नगरीय निकायों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन ने मजदूरों, किसानों, राहगीरों और खुले में काम करने वाले लोगों को प्राथमिकता के आधार पर राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। हमीरपुर, मौदहा, राठ और सरीला तहसीलों को एक-एक लाख रुपये दिए गए हैं जबकि सभी नगर पंचायतों को एक-एक लाख और नगर पालिकाओं को दो-दो लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है।
इससे बस स्टैंड, श्रमिक अड्डों, टैक्सी और ऑटो स्टैंड, प्रमुख चौराहों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर टेंट शेड, कूलर और शीतल पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। संबंधित तहसीलों के तहसीलदारों और अधिशासी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
काम न हो तो दोपहर में बाहर न निकलें
प्रशासन ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, छाछ और नींबू पानी का सेवन करें। हल्के सूती कपड़े पहनें और सिर ढककर ही बाहर निकलें। यदि चक्कर, कमजोरी महसूस हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। किसानों और पशुपालकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कहा है कि दोपहर में पशुओं को धूप में न बांधें और खेतों में नमी बनाए रखने के लिए नियमित सिंचाई करें। सब्जियों और अन्य फसलों को तेज धूप से बचाने के लिए छायादार नेट का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।