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Hamirpur News: लोकेटरों पर प्रशासन की नजर, चकमा दे सीज की तीन गाड़ियां

Sun, 16 Nov 2025 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
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फोटो 16 एचएएमपी 37- चिकासी क्षेत्र में संदिग्ध युवक से मोबाइल की जांच करती टीम। संवाद
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हमीरपुर। एसटीएफ द्वारा लखनऊ, उन्नाव और फतेहपुर में की गई कार्रवाई के बाद बुंदेलखंड में भी अवैध मौरंग परिवहन पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अमर उजाला में प्रकाशित लोकेटर सिंडिकेट की खबर के बाद प्रशासन ने शनिवार रात से दबिश तेज कर सख्ती बढ़ा दी है। तीन ओवरलोड वाहनों पर सीज की कार्रवाई की गई। इससे मौरंग खंडों के आसपास खड़े वाहनों की संख्या कम हो गई और कई लोकेशन ग्रुप रातों-रात बंद हो गए।
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सरीला क्षेत्र में शनिवार देर रात एसडीएम बलराम गुप्ता, खनन निरीक्षक उमाकांत और चिकासी थाना प्रभारी संतोष कुमार ने गोहांड तिराहा, चिकासी, जरिया और जलालपुर मार्ग पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। टीम सीधे ढाबों, सड़क किनारे खड़े युवकों और संदिग्ध स्थानों तक पहुंची। कई लोगों के मोबाइल खंगाले गए, ताकि यह पता चल सके कि कहीं कोई अधिकारी की गतिविधियों की लोकेशन तो ट्रांसपोर्टरों तक नहीं पहुंचा रहा।

इसी बीच एसडीएम ने लोकेशन देने वालों को चकमा देकर तीन ओवरलोड मौरंग भरे ट्रकों को पकड़कर सीज की कार्रवाई की। प्रशासन का कहना है कि लोकेशन सिंडिकेट के सक्रिय सदस्यों को पकड़ने के लिए रात में कई बिंदुओं पर एक साथ छापामारी की गई। जिला प्रशासन की सख्ती के चलते अवैध परिवहन में कमी आई देखने को मिल रही है।
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लोकेशन ग्रुप बंद, कई लोग हटे

प्रशासन की कार्रवाई का सीधा असर लोकेटरों पर दिखा। सूचना मिलते ही कई व्हाट्स एप ग्रुप बंद कर दिए गए और कई सदस्यों को हटाया गया है। एक लोकेटर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह दो साल से यह काम कर रहा है और हर महीने करीब 15 हजार रुपये पाता था। अधिकारी रात में मोबाइल चेक कर रहे हैं। अब वह यह काम छोड़ सूरत जाने की तैयारी कर रहा है। लोकेशन देने पर ट्रांसपोर्ट कंपनी से 15 हजार रुपये प्रति महीना मिलते थे। फुटकर गाड़ियों की लोकेशन देने पर अलग से हजार-दो हजार रुपये रोजाना मिल जाते थे। जिस मार्ग से गाड़ियां गुजरती वहां के दुकानदारों को भी 200 रुपये प्रतिदिन देकर अधिकारियों की लोकेशन ली जाती थी। कई बार अधिकारियों के चालक से भी लोकेशन मिल जाती है। लोकेटर का दावा है कि कार्रवाई के बाद अब पूरा सिंडिकेट दबाव में है और कई लोकेटर यह काम छोड़ रहे हैं।

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हम पकड़े गए तो अधिकारियों के कई चालक भी सामने आएंगे
लोकेशन देने वाले युवक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि किसी कार्रवाई के दौरान लोकेटर पकड़े जाते हैं, तो कई ऐसे राज भी खुलेंगे जिनमें अधिकारियों के कुछ चालक भी सामने आ सकते हैं। उसने कहा कि अवैध परिवहन में सक्रिय कई चालक रास्तों की जानकारी व अधिकारियों की लोकेशन देने में शामिल रहते हैं। लोकेटर का दावा है कि कई बार अधिकारियों के वाहन जहां भी निकलते थे, उनकी गतिविधियां चालक ही बाहर पहुंचाते थे।





व्हाट्सएप ग्रुप और फोन कॉल के जरिए खंड संचालकों व ट्रक चालकों को लोकेशन भेजने वालों की पहचान की जा रही है। बीती रात अभियान चलाकर कई जगह पूछताछ की गई है। कोई व्यक्ति लोकेशन भेजते हुए पकड़ा गया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- बलराम गुप्ता, एसडीएम सरीला



शहर के कुछेछा के पास रविवार शाम परमिट समाप्त बिना रॉयल्टी के मौरंग लेकर जा रहे ट्रेलर को पकड़कर सीज की कार्रवाई की गई है। दो ओवरलोड गाड़ियां सरीला क्षेत्र के जरिया थानाक्षेत्र में सीज की गई हैं। करीब एक लाख का जुर्माना भी वसूला गया है।
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-अमिताभ राय, एआरटीओ प्रर्वतन।
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