भरुआ सुमेरपुर। ग्राम पंचायत बंडा में सामुदायिक शौचालय की देखरेख कर रही अनुसूचित जाति की महिला ने पंचायत सचिव पर नौकरी पर बनाए रखने के बदले 20 हजार मांगने, जातिसूचक गालियां देने और पति को झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम पंचायत बंडा निवासी कृष्णा का आरोप है कि 14 अक्टूबर को पंचायत सचिव उपेंद्र पांडेय उनके घर पहुंचे और नौकरी पर बनाए रखने के बदले 20 हजार रुपये मांगे। असमर्थता जताने पर सचिव ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी। वहीं सचिव का कहना है कि सामुदायिक शौचालय की केयरटेकर के चयन का ग्राम पंचायत में कोई रिकॉर्ड नहीं है। इनका चयन समूह एवं ग्राम पंचायत करती हैं। महिला के लगाए आरोप निराधार हैं।