सरीला (हमीरपुर)। राठ के 132केवीए पावर स्टेशन से जुड़े तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांव के किसान लो वोल्टेज व जर्जर हाईटेंशन लाइन से खासे परेशान हैं। पलेवा को पानी के लिए मारामारी मची है। किसानों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभाग नहीं सुन रहा है।
क्षेत्र के छिबौली, मगरौल, रिगवारा, अमूंद सहित आधा दर्जन से अधिक गांव को विद्युत की आपूर्ति राठ पावर स्टेशन के सरीला फीडर से की जाती है। दशकों पुरानी यह लाइन बुरी तरह से जर्जर है। उमरिया होकर छिबौली तक आई यह हाईटेंशन लाइन जुगाड़ से चलाई जा रही है। इस लाइन में जगह-जगह गठजोड़ लगे हैं। छिबौली गांव के राममिलन, बीरपाल, भारतेंदु, निर्दोष, जयपाल, ओमकार तिवारी सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि यह लाइनें इतनी जर्जर हैं कि जरा देर चलने के बाद टूटकर टपक जाती हैं। जो बिजली मिलती है वो भी लो वोल्टेज मिलती है। जिससे नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। पलेवा के लिए मारामारी मची हुई है। किसानों की रातें खेतों में ही गुजर रही हैं। लेकिन पलेवा नहीं हो पा रहा है। जिससे किसानों में विभाग के प्रति जमकर आक्रोश पनप रहा है। किसानों का यह भी कहना है कि इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से कई बार की जा चुकी है। लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। उधर विभाग के जेई भूपसिंह का कहना है कि लोड अधिक होने से लो वोल्टेज की समस्या खड़ी हो गई है। लाइन बदलने के लिए विभाग के पास धन की कमी है।