हमीरपुर। ब्लाक प्रमुख की सीट बचाने की जुगत भिड़ा सपा में शामिल तीन ब्लाक प्रमुखों को तगड़ा झटका मिला है। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने इन ब्लाक प्रमुखों को बाहर का रास्ता दिखाया है। पार्टी की इस कार्रवाई से सपा खेमे में हलचल है। इन पर भी अविश्वास का खतरा मंडराने लगा है।
बसपा शासनकाल में विकासखंड मुस्करा में गीता राजपूत, गोहांड में चंद्रपाल व विकासखंड राठ में राजकुमारी राजपूत ब्लाक प्रमुख चुने गए। सरकार बदलने के बाद से तीनों ब्लाक प्रमुख सपा में शामिल होने के लिए एड़ीचोटी का जोर लगा रहे। इसमें तीनों को करीब तीन माह पूर्व सफलता मिली और स्थानीय सपा नेताओं के जरिए पार्टी में आ गए। लेकिन पार्टी क ा दूसरा तबका जो ब्लाक प्रमुख की सीटों पर अविश्वास के जरिए कब्जे की फिराक में था। उस गुट को तगड़ा झटका लगा। तीनों ब्लाक प्रमुखों के सपा में शामिल होने के बाद से ही बगावत होने लगी। इधर जिला पंचायत चुनाव में गुटबाजी खुलकर दिखी। जब दो पूर्व विधायक बागी प्रत्याशी के साथ नामांकन में साथ दिखे। पार्टी में दो खेमे होने के साथ सपा समर्थित प्रत्याशी को नीचा दिखाने की ताकत दिखा रहे इन नेताओं को जब हाईकमान ने तलब किया। इन नेताओं ने ब्लाक प्रमुखों का मुद्दा उठाते हुए विरोध दर्ज कराया। इस पर प्रदेश अध्यक्ष/मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीनों ब्लाक प्रमुखों को पार्टी से निष्कासित करने के निर्देश दिए। इस मामले में जिलाध्यक्ष ज्ञान सिंह यादव को पत्र बीते 18 जनवरी को ही जारी कर दिया गया। लेकिन जिला पंचायत चुनाव होने के चलते किसी प्रकार की समस्या न आ जाए इससे देखते हुए इस पत्र को जारी नहीं किया गया। सपा के जिला महासचिव कमरुद्दीन ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के पास ब्लाक प्रमुख गीता राजपूत, चंद्रपाल व राजकुमारी राजपूत को सपा में शामिल किए जाने के लिए रखा गया था। लेकिन उन्होंने तीनों ही बसपा ब्लाक प्रमुखों को सपा में शामिल नहीं किया है।