हमीरपुर। शिक्षित बेरोजगारों को भत्ता देने के लिए जिला सेवायोजन कार्यालय को 89.68 लाख रुपए का बजट मिल चुका है। जो इस योजना के पात्र बेरोजगारों के हिसाब से नाकाफी है। जिले में कुल 11,500 शिक्षित बेरोजगारों ने आवेदन किया था। जिसमें 180 आवेदन आयु व आय मानक नहीं होने पर निरस्त कर दिए गए।
सपा ने बीते विधानसभा चुनाव के दौरान शिक्षित बेरोजगारों को भत्ता देने की घोषणा अपने चुनावी पत्र में की थी। जिस पर प्रदेश भर के शिक्षित बेरोजगारों की भीड़ जिला सेवा योजन कार्यालयों में उमड़ पड़ी। प्रदेश में सपा सरकार बनने के बाद शिक्षित बेरोजगारों को भत्ता देने के लिए कैबिनेट को कई बार उम्र और आय को लेकर असमंजस की स्थिति रही। लेकिन बाद में 25 से 40 वर्ष के शिक्षित बेरोजगारों को भत्ता देने का फैसला किया गया। इस उम्र के दायरे का निर्धारण होने के बाद भत्ता प्राप्त करने के लिए बेरोजगारों ने आवेदन करना शुरू किया। जिसमें जिले में कुल 11,500 शिक्षित बेरोजगारों ने आवेदन जमा किए। जिसमें करीब 180 आवेदन आयु व उम्र के मानक न होने के चलते निरस्त कर दिए गए। जबकि 20 आवेदन कर्ता के बैंक खाता नंबर सही न होने पर उनसे दोबारा खाता नंबर मांगा गया है। जिला सेवा योजन अधिकारी रामखेलावन ने बताया कि शिक्षित बेरोजगारों को भत्ता देने के लिए 89.68 लाख का बजट मिल चुका है। अगर किसी मंत्री का कार्यक्रम मिलता है तो शिक्षित बेरोजगारों को चेक से भुगतान किया जाएगा, नही तो बेरोजगारों के खाता नंबराें पर धनराशि स्थानंातरित कर दी जाएगी। भत्ते का वितरण फरवरी के प्रथम सप्ताह तक कर दिया जाएगा। पात्र आवेदनों के हिसाब से बजट बहुत कम है। सभी पात्र बेरोजगारों को लाभ देने के लिए शासन से और बजट की मांग की गई है।