- याेजना के तहत जिले भर 18,568 महिलाएं चयनित
- प्रशिक्षण के बाद एक से पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण कराया जा रहा उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की है। सरकार ने लखपति दीदी योजना की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे अपने परिवारों के साथ सम्मानजनक और समृद्ध जीवन जी सकें। अब तक योजना के तहत करीब आठ हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है।
जिले भर में लगभग 7,300 स्वयं सहायता समूह गठित हैं। इनमें करीब 6,000 हजार समूह सक्रिय होने का दावा किया जा रहा है। योजना के तहत 18,568 महिलाओं का चयन किया गया है। इन सभी महिलाओं को प्रशिक्षित कर विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इससे उनकी वार्षिक पारिवारिक आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंच सके। इससे अभी तक करीब 8,000 महिलाओं को विभिन्न रोजगार से जोड़ा जा चुका है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इन महिलाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और विपणन (मार्केट) से जुड़ाव की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। योजना के माध्यम से चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद एक से पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
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महिलाओं को दिया जाता प्रशिक्षण
आजीविका मिशन की ओर से योजना में चयनित महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित किया जाता है। इन्हें नए और उन्नत कौशल सिखाए जाते हैं। प्रशिक्षण के बाद उन्हें ब्याज मुक्त ऋण के साथ उनके उत्पादों और सेवाओं की बाजार तक पहुंच सुनिश्चित कराने में भी सहायता दी जाती है। इस पहल से महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि उनके परिवारों की आय, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।
स्वयं समूह सहायता के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। विभिन्न योजनाओं से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। जिले में करीब 7,300 समूह हैं। इनमें करीब 75 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। योजना के तहत बीते एक साल में करीब आठ हजार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है।
- प्रशांत मिश्रा, जिला मिशन प्रबंधक एनआरएलएम।