हमीरपुर। जिले से गुजरे स्टेट और नेशनल हाईवे पर बनाए गए अवैध कट कोहरे में हादसों की रफ्तार बढ़ा सकते हैं। अकेले मुख्यालय के अंदर से निकले हमीरपुर-कालपी फोरलेन हाईवे पर 21 किमी सीमा के अंतर्गत करीब 55 से अधिक कट हैं। इन कटों के चलते कोहरे में हादसों की रफ्तार बढ़ सकती है। इन कटों पर संकेतक सफेद पट्टिकाएं तक गायब हैं। जबकि यातायात माह चल रहा है और इसके मात्र तीन दिन बचे हैं।
राठ पनवाड़ी हाईवे पर इसी माह एक ही लेन में डीसीएम व बाइक की भिड़ंत में बाइक सवार तीन लोगों की मौत हो गई थीं। इस हाईवे की एक लेन बिल्कुल ध्वस्त हो गई है। एक लेन से वाहन गुजरते हैं। इस मार्ग पर कई अवैध कट हादसों की वजह बने हुए हैं। हमीरपुर कालपी हाईवे कुसमरा मोड़ के पास भी कई हादसे हो चुके हैं। वहीं, बदलपुर, शीतलपुर, झलोखर आदि गांवों में भी कई अवैध अवैध कट बने हैं।
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वैध कट के ये हैं नियम
- एनएचएआई, लोनिवि, वर्ल्ड बैंक आदि कार्यदायी संस्थाओं द्वारा मानचित्र लगाकर लोगों को सचेत किया जाता है।
- वैध कट से 20 मीटर पहले संकेतक बोर्ड लगाए जाते हैं।
- वैध कट में एक वेटिंग लाइन भी दी जाती है, इससे हाईवे पर चल रहे बड़े वाहनों को दिक्कत न हो।
- वैध कट में मार्ग पर मार्किंग भी होती है, जो रोड के ऊपर पीली लाइन में नजर आती है। यह लाइन थोड़ी उभरी हुई होती है, इससे वाहन चालकों को यह पता चल जाता है कि आगे डिवाइडर पर कट है।
- वैध कट डिवाइडर पर एक ब्लींकर लाइट भी लगाई जाती है। यह पीले रंग की होती है।
नेशनल हाईवे व राठ मार्ग पर डिवाइडर ही नहीं है। अवैध कटों की सबसे बड़ी समस्या फोरलेन स्टेट हाईवे पर हैं। इनमें राठ पनवाड़ी मार्ग व राठ चिकासी मार्ग की समस्या अधिक है। अभी अभियान चलाकर ट्रैक्टरों-ट्रालियों व अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टर आदि लगवाए जा रहे हैं। संकेतक व बोर्ड लगवाए जाने के लिए डीएम व लोनिवि को अवगत करा दिया गया है। - अमिताभ राय, एआरटीओ प्रर्वतन।
जहां पर बड़े अवैध कट हैं, उनकाे बंद कराया जाएगा। अभियान चलाकर संकेतक बोर्ड व पट्टिकाएं लगाई जाएंगी। इसके लिए निर्देशित भी कर दिया गया है। दगपाल वर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि।
फोटो 29एचएएमपी-10 राठ उरई मार्ग पर बना अवैध कट। संवाद
फोटो 29एचएएमपी-10 राठ उरई मार्ग पर बना अवैध कट। संवाद